पिथौरा. स्थानीय बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के प्रबंधक द्वारा एक सीनियर सिटीजन से दुर्व्यवहार करने का मामला सामने आया है. इस संबंध में बैंक प्रबंधक गंगाधर पराठे से उनके मोबाइल नंबर पर सम्पर्क कर उनका पक्ष लेने का प्रयास किया गया, पर उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया. ग्राम गिरना निवासी प्यारीलाल प्रधान वृद्ध होने के बाद भी मजदूरी कर जीवन-यापन करते हैं. प्रदेश की भूपेश सरकार द्वारा भूमिहीन मजदूरों को राजीव गांधी भूमिहीन न्याय योजना के तहत सहायता राशि मिलने की खबर से प्यारी प्रसन्न थे.
https://कक्षा पहली से 8वीं तक के बच्चों का 15 अप्रैल के बाद स्कूल जाना ऐच्छिक
जब उन्होंने अपना खाता चेक किया तो उनके खाते में सरकार द्वारा भेजे गए 2000 रुपए नहीं मिले थे. लिहाजा उन्होंने बैंक से पता लगाया तब पता चला कि जनपद पंचायत में ही उनका बैंक खाता नम्बर गलत लिखा गया है. जिसके कारण रुपए दूसरे के खाते में चले गए हैं. अब इस वृद्ध ने गर्मी में लू के थपेड़ों के बीच स्थानीय जनपद अधिकारी से इसकी शिकायत की, तब उन्होंने भूल सुधार हेतु बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर को विभागीय पत्र जारी कर प्यारी के बैंक खाते में राशि हस्तांतरित करने कहा. पर बैंक ने जनपद अधिकारी को पत्र वापस कर दिया.
प्रार्थी प्यारी प्रधान ने इस प्रतिनिधि को बताया कि इसके बाद पत्र स्वयं उनके द्वारा बैंक मैनेजर को ले जाकर दिया गया. हाथों हाथ पत्र देखकर बैंक प्रबंधक वृद्ध प्यारी पर भड़क गए. जिससे निराश प्यारी बैंक से निकलकर अपने घर वापस चले गए. इधर जब प्यारी के पड़ोसियों को इसकी जानकारी मिली तब वे भी प्यारी को अपने साथ बैंक लाकर समाधान का प्रयास किए. पर बैंक मैनेजर ने पुनः प्यारी को बेइज्जत किया. जिससे वृद्ध प्यारी निराश हैं. अब वह इसकी शिकायत सीधे मुख्यमंत्री से करने की बात कह रहे हैं.
https://UNHRC से रूस को किया गया बाहर, वोटिंग में भारत ने नहीं लिया हिस्सा
कॉल रिसीव नहीं किया
इस प्रतिनिधि ने उक्त मामले में बैंक प्रबंधक गंगाधर पराठे से उनका पक्ष जानने हेतु सम्पर्क का प्रयास किया पर उन्होंने कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया. इसके बाद उन्हें मैसेज भेजकर अपना पक्ष रखने का आग्रह किया गया. मैसेज पढ़ने के बाद भी श्री पराठे ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.







