बागबाहरा. बागबाहरा नगर पालिका में कांग्रेस का कब्जा है, यहां उपाध्यक्ष दीपक यादव भाजपा के कुशल रणनीतिकार विवेकानंद सिंह ठाकुर की रणनीति के चलते पालिका में उपाध्यक्ष पद पर अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे. यहां यह बताना लाजिमी है कि कांग्रेस, भाजपा के कुछ पार्षद और निर्दलीय पार्षदों ने मिलकर उपाध्यक्ष दीपक यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया. मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान होना था, लेकिन कोरम के अभाव में अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त हो गया. नगर पालिका में कुल 15 पार्षद हैं. छह वार्ड में भाजपा, 4 वार्ड में कांग्रेस, 5 वार्ड में निर्दलीय पार्षद हैं. तीन भाजपा पार्षद और 4 निर्दलीय पार्षद मौजूद थे. वहीं कांग्रेस के अध्यक्ष सहित सभी चार पार्षद अनुपस्थित रहे. कांग्रेस ने रायपुर से पर्यवेक्षक के रूप में कन्हैया अग्रवाल को बागबाहरा भेजा.
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उनके साथ स्थानीय ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, एल्डरमैन, कांग्रेस जन उपस्थित थे. वहीं दूसरी तरफ भाजपा के तमाम जवाबदार नेता, सांसद, मंडल पदाधिकारी अपने उपाध्यक्ष की कुर्सी बचाने सामने नहीं आए और अज्ञातवास में थे. भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले कुशल रणनीतिकार विवेकानंद सिंह ठाकुर अपनी टीम के साथ उपस्थित रहकर उपाध्यक्ष दीपक यादव के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को ध्वस्त कराने में कामयाब रहे. इधर, कांग्रेस नेता कन्हैया अग्रवाल ने कांग्रेस पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है. दूसरी ओर अब यह देखना है कि भाजपा के पार्षद भाजपा उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने में कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों की मदद की है तो क्या ऐसे में भाजपा अपने पार्षदों के खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी?







