पिथौरा. किशनपुर में भी ग्रामीणों ने आपसी बैठककर शराबबंदी लागू कर दी. पिथौरा विकासखण्ड का यह दूसरा गांव है जहां शराबबंदी की गई है. दोनों गांवों की शराबबंदी में अंतर यह है कि बुंदेली में चौकी प्रभारी ने शराबबंदी की पहल की जबकि किशनपुर में ग्रामीणों ने पहल कर पुलिस को बैठक में बुलाया. छत्तीसगढ़ में चुनाव के पूर्व शराबबंदी के वायदे को सरकार भले ही पूरा नहीं कर पा रही है पर ग्रामीण क्षेत्रों में अब शराब से टूटते घरों एवं बर्बाद होते ग्रामीणों को बचाने ग्राम स्तर के जनप्रतिनिधि प्रयास करने जुटे हैं. कुछ ऐसा ही निर्णय बुंदेली के ग्रामीणों के बाद अब विकासखण्ड के ग्राम किशनपुर में भी शराबबंदी के सख्त निर्णय लिया गया है.
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इस संबंध में शराबबंदी समिति के संरक्षक राधेश्याम साहू ने बताया कि विगत सप्ताह ग्राम में बढ़ रहे अपराध के ग्राफ को रोकने ग्रामीणों ने एक बैठक आहूत की. बैठक में पिथौरा थाना प्रभारी को भी बुलाया गया था. बैठक में सर्वसम्मति से ग्राम में शराबबंदी का निर्णय लिया गया. निर्णय के अनुसार अब ग्राम में कोई भी शराब नहीं बनाएगा, ना ही बेचेगा और ना ही पियेगा. इस समिति का अध्यक्ष ग्राम के प्रमुख राजकुमार बरिहा को बनाया गया एवं समिति में शराबबंदी पर नियंत्रण हेतु ग्राम के 20 प्रमुख ग्रामीणों को सदस्य बनाया गया. इधर, अचानक शराबबंदी से अवैध शराब बनाकर बेचने वालों पर जैसे आफत का पहाड़ टूट पड़ा. अब ये ग्राम में अपने घर से दूर जंगल मे महुआ शराब का निर्माण करने लगे. ग्रामीणों के अनुसार अवैध शराब एवं शिकार का गढ़ माना जाने वाला किशनपुर में पुलिसिया दबाव नहीं के बराबर था.
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लिहाजा बीती रात ग्रामीणों को खुद ही सामने आना पड़ा और सरपंच प्रतिभा कमलेश बारीक के नेतृत्व में ग्रामीण शराबबंदी समिति ने अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर समीप के जंगल में महुआ शराब बनाने के लिए बनाए गए करीब 18 बोरी महुआ पास एवं 35-40 लीटर महुआ शराब पकड़ने में सफलता हासिल की पर ग्रामीणों की योजना की भनक मिलते ही अरोपी घटनास्थल से पहले ही भाग निकले. ग्रामीणों के अनुसार शराबबंदी समिति की पहली कार्रवाई में ही अवैध रूप से शराब बनाने हेतु तैयार किए गए महुआ पास (सड़ाया गया महुआ) एवं शराब भारी मात्रा में पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया. बहरहाल, पुलिस अधिकारी एवं आबकारी विभाग के अधिकारी किशनपुर पहुंचकर कार्रवाई में जुट गए हैं. घटना की जानकारी लेने इस प्रतिनिधि ने स्थानीय थाना प्रभारी से जानकारी लेने का प्रयास किया पर किसी भी अधिकारी ने मोबाइल रिसीव नहीं किया.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) October 9, 2020







