रायगढ़. सूरजगढ़ महानदी पुल नीचे एक अधेड़ महिला-पुरुष का शव मिला था. इस मामले में एक नाबालिग सहित कुल 8 लोगों द्वारा मिलकर जादू-टोना के संदेह पर 30 जुलाई की रात घटना को अंजाम देने की जानकारी मिली. जिस पर एक-एक कर पुलिस टीम द्वारा दबिश देकर लैलूंगा, जशपुर के विभिन्न इलाकों से 7 लोगों को पकड़ा गया और घटना में शामिल एक आरोपी दशरथ यादव फरार हो गया. पुलिस टीम द्वारा तांत्रिक को भी मामले का आरोपी बनाया गया है, जिसकी पतासाजी की जा रही है. नाबालिग बेटे ने बताया कि वे दो भाई और एक बहन हैं, इसके माता पिता भगवानपुर में रहकर माली का काम करते थे. बड़ा भाई खुलेश्वर यादव कुछ माह से मानसिक रूप से विक्षिप्त हो गया था.
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जिसे तांत्रिक मोहन यादव के पास ले जाकर झाड़-फूंक कराए तो तांत्रिक ने कहा कि तुम्हारे भाई को तुम्हारे माता-पिता ने मिलकर जादू-टोना कर पागल कर दिया है. तुम लोग उन्हें जान समेत मार दोगे तो तुम्हारा भाई ठीक हो जाएगा और तुम आर्थिक रूप से भी संपन्न हो जाओगे. नाबालिग इस घटना को अकेले अंजाम देने में अक्षम होने के कारण अपने जीजा नरसिंह यादव और चचेरे भाई राजूराम यादव, भोलेशंकर यादव, शंकर यादव, खगेश्वर यादव, ईश्वरी यादव और दशरथ यादव के साथ मिलकर सुकरू राम यादव और मनवती यादव की हत्या की योजना बनाई. योजना के तहत यह लोग हत्या कर शव को महानदी में फेंकना तय किया. योजना के तहत माता-पिता को सरिया भटली रोड तक ले गए, जहां माता-पिता का गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी और फिर लाश को छिपाने के उद्देश्य से पत्थर से बांधकर महानदी में फेंक दिए थे.
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