रायपुर. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने पिछले एक साल में कोरोना काल और लॉकडाउन अवधि में शराब की तस्करी के चल रहे सिलसिले और उसमें सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के नेताओं, जनप्रतिनिधि और मंत्रियों तक की संलिप्तता और तस्करी कर रहे लोगों को सत्तावादी संरक्षण को लेकर तीखा हमला बोला है. उन्होने गरियाबंद में बरामद तस्करी की शराब सीआरपीएफ कैंप से ख़रीदकर लाए जाने और खपाने के मामले का ख़ुलासा होने का ज़िक्र करते हुए कहा कि तस्करी के इस मामले के तार भी प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों से जुड़े होने की चर्चा प्रदेश सरकार के राजनीतिक चरित्र का शर्मनाक प्रदर्शन है.
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श्री श्रीवास्तव ने कहा कि गरियाबंद में बरामद तस्करी की शराब के मामले की अब तक की तफ़्तीश में गिरफ़्तार आरोपियों में से दो लोगों के राजनीतिक तौर पर प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों के काफ़ी क़रीबी होने की बात सामने आ रही है. एक आरोपी समाज विशेष का नेता होने के कारण इसी समाज से आने वाले एक मंत्री का बेहद क़रीबी बताया जा रहा और दूसरा आरोपी प्रदेश सरकार के ही एक मंत्री के ओएसडी का रिश्तेदार बताया जा रहा है.
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उन्होने इन दोनों आरोपियों को बचाने के लिए राजधानी से सीजी-02 सीरीज के एक वाहन से ‘बड़े लोगों’ के गरियाबंद जाने की चर्चाओं के मद्देनज़र आरोप लगाया कि शराब की कोचियागिरी करके घर-घर शराब पहुँचाने में लगी प्रदेश सरकार के लोग अब शराब तस्करों को बचाने में भी लगे हुए है. श्री श्रीवास्तव ने गिरफ़्तार आरोपियों के पास लाइसेंसी बंदूक की बरामदगी पर भी सवाल किया कि आख़िर आरोपी लाइसेंसी बंदूक लेकर गरियाबंद ज़िले के अभ्यारण्य क्षेत्र में दाख़िल कैसे हुए. यह पता लगाया जाना चाहिए कि कहीं वन्यप्राणियों के शिकार और उनके अंगों की तस्करी के किसी रैकेट से तो ये आरोपी जुड़े हुए नहीं हैं?
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) May 13, 2021







