बागबाहरा. जनपद पंचायत अध्यक्ष स्मिता हितेश चंद्राकर ने कहा है कि कांग्रेस के एक पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष जिन्हे पंचायत का ‘प’ मालूम नहीं वे हमें पंचायत चलाने का ज्ञान न दें. उन्होने कहा कि कुछ ऐसे कांग्रेसी हैं जिन्हे त्रिस्तरीय पंचायत का क ख ग का ज्ञान नहीं है वे पंचायतों की बात कर रहे हैं. जो पंचायतों में सूचना का अधिकार लगा लगाकर सरपंचों को परेशान करते रहा है वे आज सरपंच हित की बात कर रहा है. उन्होने कहा कि उक्त कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष को कि किसने 15वें वित्त आयोग से अनुमति लेने की बात कही है वे आकर आमना-सामना करें. ऐसे स्वार्थी तत्व विधायक और जनपद के बीच टकराव कराना चाहते हैं. जनपद पंचायत और पंचायत कैसे चलाया जाना है मुझे, मेरे सदस्यों एवं सरपंचों को ज्ञान है वे हमें ज्ञान देने का प्रयास न करें. केन्द्र शासन द्वारा ग्राम पंचायतों को शत-प्रतिशत अनुदान में 15वें वित्त आयोग मद की राशि भेजी जाती है. उक्त राशि से ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले निर्माण कार्यों का प्राक्कलन बनाकर ही कार्य कराया जाए ऐसा शासन का आदेश है.
उक्त आदेश का पालन करने सामान्य प्रशासन की बैठक में प्रस्ताव पारित कर सभी पंचायतों को इस नियम का पालन करने कहा गया है न कि अनुमति लेने. किसी भी मद की राशि हो निर्माण पूर्व उसका तकनीकी प्रतिवेदन आवश्यक होता है हम उस नियम का कड़ाई से पालन कराकर सरपंच-सचिव को शिकायत से दूर रखना चाह रहे हैं चूंकि पंचायतों में शिकायत हमेशा होती है इससे विकास कार्य बाधित होता है. विवाद के कारण निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हो पाता. पूर्व में कुछ पंचायत वर्षों बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं करा पाई निर्माण अधूरा है. सरपंच पद से हट गए वसूली की कार्रवाई लंबित है उस पर आरोप लगाने वाले कांग्रेसी का ध्यान क्यों नहीं गया. वे सरपंचों को गुमराह करने से बाज आएं. आयोग मद की राशि से किस-किस मद में कितनी प्रतिशत राशि व्यय की जा सकती है उसका नियम कानून बना हुआ है उस आधार पर राशि व्यय की जानी है न कि मनमानी तरीकों से. अध्यक्ष ने कहा है पूर्व सरपंचों ने शौचालय निर्माण में बहुत गड़बड़ी कर रखी है. ग्रामीणों ने शौचालय बना लिया है पर सरपंचों ने भुगतान नहीं किया है इसकी शिकायत लगातार मिल रही है. अभी तक ग्राम पंचायत मुनगासेर, झिटकी, गांजर, खड़ादरहा सहित अनेक पंचायतों की शिकायत मिली है. इन ग्राम पंचायतों में जांच दल गठित कर जांच कराकर दोषी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
अध्यक्ष ने कहा कि सरपंच किसी दल के नहीं होते. मेरे जनपद क्षेत्र के 111 ग्राम पंचायत में से 80 पंचायतों के सरपंच एकत्रित होकर वे अपने जनपद परिवार के पदाधिकारियों को बतौर मुख्यातिथि आमंत्रित किए थे जिसमें संघ गठन की चर्चा सरपंचों ने की उसमें सरपंचों को निर्विरोध संघ का गठन करने का सुझाव देना कोई गुनाह नहीं है. एक भी सरपंच आकर बता दे कि जनपद के किसी सदस्यों ने उन पर दबाव डालकर अध्यक्ष बनाने कहा हो. आरोप लगाने वाले अपने गिरेबां में झांककर देखें फिर दूसरों पर उंगली उठाएं. सरपंच संघ को राजनीतिक अखाड़ा बनाने से बाज आएं. अध्यक्ष ने कहा त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था कोई राजनीतिक दल का अखाड़स नहीं है. उस संस्था मे सभी एक परिवार के तहत एक जुट होकर ग्राम विकास का काम करते हैं. केन्द्र सरकार योजना की राशि भेजते समय किसी दल के आधार पर नहीं बल्कि सभी पंचायतों में एक समान नियमानुसार राशि आबंटित करती है.
शहर पूर्ण लॉकडाउन पर पहले की तरह खुली हुई है शराब दुकान https://t.co/QyC13lyQ8f
— Cg Janadesh (@CJanadesh) July 19, 2020







