बागबाहरा. 98 फीसदी अनुसूचित जनजाति वर्ग की आबादी वाला गांव बेलर आज भी सड़क का मोहताज है. यह गांव जिला मुख्यालय से महज 20 किमी की दूरी पर है. ग्राम पंचायत अरण्ड के आश्रित इस गांव की जनसंख्या करीब 3 सौ है. यहां अधिकांश ध्रुव, गोंड़, कमार जाति के लोग निवासरत हैं पर इन आदिवसियों की समस्या जानने वाला कोई नहीं है. चुनाव जीतने के बाद कोई भी जनप्रतिनिधि यहां नहीं पहुंचे. यह गांव तीन तरफ से पहाड़ों एवं भूस्वामी भूमि से घिरा हुआ है. गांव के लोग पगडंड़ियों के रास्ते बारहों माह आना-जाना करते हैं. ग्रामीण बरसात में नारकीय जिंदगी जीने विवश होते हैं. ग्रामीणों को पांच किलोमीटर दूर पंचायत मुख्यालय राशन के लिए जाना पड़ता है. बेलरवासी विकास से कोसों दूर हैं.
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यहां विकास के नाम से एक आंगनबाड़ी, प्राथमिक स्कूल ही है. वर्तमान में एक रंगमंच का निर्माण कराया जा रहा है. ग्रामीणों के सार्वजनिक काम के लिए एक भी सामुदायिक भवन नहीं है. यहां की समस्या जानने न कोई अधिकारी आते और न ही कोई जनप्रतिनिधि. यह गांव अरण्ड पंचायत से पांच किमी दूरी पर बसा हुआ है. वहीं इस गांव से महज डेढ़ किमी की दूरी पर मोंहदी पंचायत पक्की सड़क मार्ग पर है. यदि इस गांव को मोंहदी पंचायत से जोड़ दिया जाता तो कम से कम ग्रामीणों का भला होता. यह गांव आवश्यक मूलभूत सुविधाओं से वंचित है. इस संबंध में जनपद अध्यक्ष स्मिता हितेश चंद्राकर ने पूछे जाने पर कहा कि यह किसी भी गांव क्षेत्र के लिए शर्मनाक बात है. आज हम आजादी के 75 वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं. इस दौरान अनेक जन प्रतिनिधियों ने खल्लारी का नेतृत्व किया है पर कोई भी बेलर की इस गंभीर समस्या का निराकरण नहीं कर पाए.
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उन्होने जनपद पंचायत को एक रुपए का भी विकास कार्य कराने का अधिकार नहीं है और न ही विकास कार्य स्वीकृति करने के लिए सरकार राशि दे रही है तो कहां से विकास कार्य होगा. यदि वास्तव में ईमानदारी के साथ गांव का विकास करना चाहते हैं तो हमारी सरकार को चाहिए कि वे त्रिस्तरीय पंचायत का एक अंग जनपद पंचायत है उसे भी सरकार धन राशि उपलब्ध कराए ताकि क्षेत्र के गांव का विकास करा सकें. उन्होंने कहा कि बेलर गांव तक सड़क बनाने प्रस्ताव में शामिल करवाउंगी और जिला प्रशासन यदि बेलर गांव तक सड़क मार्ग बनाने 25 दिसंबर तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता है तो 26 दिसंबर से ग्रामीणों के साथ में आमरण अनशन करने के लिए बाध्य होउंगी.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) October 21, 2020







