नई दिल्ली. भारत में भी अब कई तरह के गैजेट के लिए एक ही चार्जर पर सहमति बन गई है. मोबाइल कंपनियों और इस क्षेत्र की अन्य कंपनियां इसके लिए राजी हो गई हैं. इसकी जानकारी उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने दी है. उपभोक्ता मामले के सचिव रोहित कुमार सिंह ने बताया है कि एक बैठकर में स्टेकहोल्डर्स ने स्मार्ट डिवाइस के लिए एक कॉमन चार्जिंग पोर्ट पर सहमति जताई है. इस सहमति के बाद अब माना जा रहा ही कि कॉमन चार्जिंग पोर्ट का रास्ता साफ हो गया है. हालांकि, कम कीमत वाले फीचर फोन के लिए ये पोर्ट अलग हो सकता है. इससे ई-वेस्ट भी कम होगा.
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ASSOCHAM-EY की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अनुमान लगाया गया है कि साल 2021 में भारत ने 5 मिलियन ई-वेस्ट जनरेट किया है. ऐसे में ये इस मामले में केवल चीन और यूएस से पीछे है. बता दें कि इस मीटिंग में इस बात पर सहमति बन गई कि स्मार्ट डिवाइस जैसे टैबलेट, स्मार्टफोन और लैपटॉप के लिए USB Type-C चार्जिंग पोर्ट का इस्तेमाल किया जाएगा. इस पर स्टेकहोल्डर्स ने अपनी सहमति जता दी. फीचर फोन के लिए दूसरे पोर्ट को अपनाया जा सकता है.










