আবহাওয়া আইপিএল-2025 টাকা পয়সা পশ্চিমবঙ্গ ভারত ব্যবসা চাকরি রাশিফল স্বাস্থ্য প্রযুক্তি লাইফস্টাইল শেয়ার বাজার মিউচুয়াল ফান্ড আধ্যাত্মিক অন্যান্য
---Advertisement---

टोकन की वैधता अवधि एक सप्ताह, 1 दिसंबर के बाद रकबे में नहीं होगा कोई परिवर्तन

Published on: November 26, 2020
---Advertisement---

रायपुर. खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारी के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आज उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई. बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू एवं खाद्य सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने राज्य के सभी संभागायुक्तों, सभी कलेक्टरों, समस्त पुलिस महानिरीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों और सभी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा दिए गए निर्देशों से अवगत कराया. मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में ही अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि धान बेचने में किसानों को किसी तरह की परेशानी नही होनी चाहिए. अपर मुख्य सचिवों ने राज्य के सभी कमिश्नरों और कलेक्टरों से कहा कि 1 दिसंबर से राज्य में धान खरीदी शुरू होगी. राज्य में धान खरीदी का कार्य मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहली प्राथमिकता है.

http://दिग्गज फुटबॉलर डिएगो माराडोना का दिल का दौरा पड़ने से निधन


धान खरीदी में राज्य के किसी भी समिति में किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए. धान खरीदी के लिए टोकन अधिकतम एक सप्ताह के अवधि तक के लिए दिए जाएंगे. किसानों को जारी टोकन में उल्लेखित तारीख तक किसी कारणवश यदि कोई किसान धान नहीं बेच पाता है तो उन्हें पुनः नया टोकन जारी किया जाएगा. राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में गतवर्ष से 2 लाख 49 हजार ज्यादा किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है. किसानों का पंजीयन बढ़ने के साथ ही खेती के रकबे में बढ़ोतरी हुई है. राज्य में गिरदावरी के पश्चात प्रविष्टि का कार्य 10 नवम्बर को समाप्त हो चुका है. गिरदावरी के संबंध में किसी भी जिले से कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है. एक दिसम्बर से धान खरीदी शुरू होने के बाद रकबे में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा. यदि रकबे में कोई परिवर्तन या संशोधन की जरूरत हो उसे 30 नवम्बर तक अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाए. एक दिसम्बर के बाद साफ्टवेयर को लॉक कर दिया जाएगा. गिरदावरी के कार्य में अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों की जिम्मेदारी तय की जाएगी. धान खरीदी के लिए आवश्यक बारदाने की व्यवस्था खरीदी के पूर्व करने के निर्देश दिए गए हैं. पीडीएस सिस्टम एवं मिलरों से प्राप्त बारदानों का भौतिक सत्यापन करा लें और बारदाने एकत्रित कर खरीदी केन्द्रों में समय पूर्व उपलब्ध कराया जाए.

http://कोरोना पर केंद्र की नई गाइडलाइन जारी, जानिए किन चीजों पर रहेगी पाबंदी


धान बेचने वाले किसानों की संख्या के साथ रकबा बढ़ने से किसानों की सुविधा के लिए राज्य में लगभग 260 नवीन धान उपार्जन केन्द्र खोले गए हैं. इन केन्द्रों में चबूतरा निर्माण सहित खरीदी केन्द्र के चारों तरफ सुरक्षा के लिए घेरा की व्यवस्था, ड्रेनेज सिस्टम, बारदाना, तालपतरी, कांटा-बांट सत्यापन, मास्चर मीटर, बोर्ड लगाने का कार्य खरीदी शुरू होने से पूर्व पूरा कर ऑनलाईन रिपोर्ट अपलोड करने के निर्देश दिए गए. राज्य के खरीदी केन्द्रों में दो चरणों में 7 हजार 620 चबूतरों का निर्माण कराने की स्वीकृति दी गई है. जिन जिलों में चबूतरा निर्माण का कार्य पूर्ण नहीं हो पाया हैं, वे 30 नवम्बर तक निर्माण कार्य पूरा कराएं. राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अवधि में बिना अनुमति के अन्य राज्यों से धान आयात को रोकने की जिम्मेदारी सभी जिलों के जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और संबंधित विभाग को सौंपी गई है.

जुड़िए हमसे….
https://www.facebook.com
https://cgjanadesh.com
https://cgjanadesh.com/category
8871342716

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now