पिथौरा/कसडोल. समीप के लवन वन परिक्षेत्र में चल रहे विभिन्न कार्यों का भुगतान वर्तमान रेंजर ने यह कह कर रोक दिया कि कार्य पुराने रेंजर ने करवाया है अब भुगतान भी वही करेंगे. रेंजर द्वारा मजदूरों को दी जा रही समझाइश से ऐसा लगता है कि वन क्षेत्रों में विकास एवं विभिन्न कार्य रेंजर अपने स्वयं के फंड से कराता है. बहरहाल, उक्त मामले में लवन रेंजर एनके सिन्हा से उनके मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क का प्रयास किया गया पर उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया. लिहाजा उन्हें मैसेज भेजकर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. मजदूरों के मुताबिक वन परिक्षेत्र लवन के अंतर्गत करीब डेढ़ साल पहले कराए गए निर्माण कार्यों की मजदूरी और सामग्रियों का भुगतान रेंजर के स्थानांतरण के बाद रोक दिया गया है.
इस संबंध में मजदूर डीएफओ बलौदाबाजार एवं कलेक्टर का भी ध्यानाकर्षण करा चुके हैं लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हुआ है. मजदूरों ने बताया कि वे विगत गुरुवार को मजदूरी भुगतान करने का आग्रह लेकर रेंजर से मुलाकात की थी तब रेंजर ने पूर्व रेंजर के समय का किसी भी तरह के कोई भी भुगतान करने से इंकार कर दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन्होने कार्य कराया है भुगतान भी वही करेंगे. रेंजर की इस बात पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्हें कहा कि वे उनसे मजदूरी नहीं मांग रहे वे लवन परिक्षेत्र के रेंजर से निवेदन कर रहे हैं. जिससे आक्रोशित मजदूरों ने रेंजर कार्यालय का घेराव कर दिया. बाद आने वाले एक सप्ताह के भीतर भुगतान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है. ज्ञात हो कि वन परिक्षेत्र लवन अंतर्गत विगत वर्ष 2019 के मार्च-अप्रैल में वन ग्राम घिरघोल, पुटपुरा, भंडोरा सहित विभिन्न गांवों के ग्रामीणों से डामर, घेरु, सड़क, फेंसिंग सहित विभिन्न निर्माण कार्य कराया गया जिसका भुगतान गरीब मजदूरों को अभी तक नहीं किया गया है जबकि कार्य किए डेढ़ साल से ऊपर हो गया. साथ ही इसकी शिकायत पिछले माह अगस्त में कलेक्टर से भी की जा चुकी है लेकिन अभी तक किसी ने कोई सुध नहीं ली.
http://चीतल शिकार के आरोप में 5 गिरफ्तार, कंकाल और तार जब्त
इस संबंध में ग्राम पंचायत घिरघोल निवासी अशोक दास मानिकपुरी, संजय ध्रुव, अजय ध्रुव, बड़कू निषाद, नरेश निषाद, रूखमणि पैकरा पंच, मनमोहिनी निषाद, बैशाखू ध्रुव, विजय ध्रुव, जोहन ध्रुव, पिंटू ध्रुव, मनीराम साहू, धरमु देवदास, धरमू साहू, अवध ध्रुव, राजकुमार ध्रुव, पीलाराम निषाद एवं घनाराम आदि ने बताया कि उन्होंने करीब 40-40 दिनों तक कार्य किया है जिसमें मात्र दो से ढाई हजार रुपए तक ही भुगतान किया गया है और बाकी का भुगतान करीब 10-10 हजार रुपए और किया जाना है अभी तक नहीं किया गया है जिसकी मांग को लेकर गुरुवार को पुनः बल्दाकछार स्थित मुख्यालय में रेंजर से मुलाकात की गई लेकिन वन परिक्षेत्र अधिकारी एनके सिन्हा ने साफ तौर पर पूर्व रेंजर के कार्यकाल के किसी भुगतान किए जाने से इंकार कर दिया.
रेंजर अपनी जागीर समझ रहे
उल्लेखनीय है कि जिस समय मजदूरों ने उक्त कार्य किया उस समय वन परिक्षेत्र अधिकारी के रूप में अनिल वर्मा पदस्थ थे जिनका स्थानांतरण धमतरी जिले के दुगली वन परिक्षेत्र हो जाने के बाद लवन वन परिक्षेत्र में एनके सिन्हा पदस्थ हैं जो साफ तौर पर किसी भी कार्य के भुगतान से साफ मना कर रहे हैं. जबकि कई निर्माण कार्यों का भी मजदूरी भुगतान अभी बाकी है और इसकी जानकारी सभी अध इस संबंध में पूर्व जनपद पंचायत सदस्य कृष्ण कुमार ने बताया कि जिस समय वन परिक्षेत्र अधिकारी के रूप में श्री सिन्हा यहाँ पदस्थ हुए उस समय उनको भुगतान की बकाया होने की जानकारी दी गई थी. परन्तु श्री सिन्हा लवन परिक्षेत्र में स्वयं को शासन का प्रतिनिधि मानने की बजाय लवन रेंज को अपनी जागीर समझकर मजदूरों को परेशान कर रहे हैं.
http://गांव में अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे अतिक्रमणकारी, एसपी-कलेक्टर से शिकायत
निर्माण सामग्रियों का करोड़ों का भुगतान रुका है, वेल्डिंग दुकान बन्द
वन परिक्षेत्र लवन के अंतर्गत तत्कालीन रेंजर अनिल वर्मा के कार्यकाल में हुए निर्माण कार्यों में कसडोल सहित विभिन्न स्थानों के निर्माण सामग्री सप्लायरों के करोड़ों रुपए के निर्माण सामग्रियों का भुगतान उनके एवं तत्कालीन डीएफओ विश्वेशर झा के स्थानांतरण के बाद आए नए डीएफओ आलोक तिवारी एवं रेंजर एनके सिन्हा ने जानबूझकर डेढ़ साल से रोक दिया है. वन परिक्षेत्र कार्यालय, रेंजर एवं कर्मचारियों के आवास निर्माण के लिए ग्राम बल्दाकछार के एक वेल्डिंग दुकान वाले को खिड़की,दरवाजे लगाने का काम दिया था और उसने उनके अनुसार निर्माण कार्य पूरा कर दिया है लेकिन रेंजर के स्थानांतरण के बाद आए नए रेंजर भुगतान के संबंध में अनिल वर्मा से सम्पर्क करने कहते हैं.
यहाँ पर सवाल यह उठता है कि निर्माण सामग्री की आपूर्ति करने वाले या मजदूरों ने क्या रेंजर अनिल वर्मा के घर का व्यकितगत काम किया है. लोगों ने शासकीय कार्य किया है भुगतान अवश्य होगा इस उम्मीद से कार्य किया था यदि ऐसा ही रवैया रहा तो वन विभाग क्या किसी भी विभाग को दुकानदार एक रुपए का भी उधारी देने से कतराएंगे क्योंकि कोई भी अधिकारी किसी एक स्थान के लिए अनुबंध करके सेवा में नहीं आता उनकी पोस्टिंग होती है और कभी भी स्थानांतरित किया जा सकता है.
भुगतान हेतु जांच : सिन्हा
इधर, लवन के परिक्षेत्र अधिकारी ने एक व्हाट्सएप्प मैसेज के माध्यम से बताया कि उक्त मामले में अभी जांच की प्रक्रिया पर है. जांच की प्रक्रिया एवं वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशानुसार भुगतान किया जाएगा.
http://शासकीय कार्य में अनियमितता और लापरवाही, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी निलंबित







