पिथौरा. छत्तीसगढ़ प्रदेश 36 जिलों के नाम से जाना जाएगा. प्रदेश में अब तक 32 जिले हो चुके हैं. शेष चार जिलों में से अब एक नाम पिथौरा का प्रमुखता से सामने आ रहा है. इस संबंध में पिथौरा के पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनंत सिंह वर्मा ने पिथौरा को जिला बनाने की भरपूर वकालत की है. उन्होने इस संबंध में बताया कि पिथौरा को काफी पहले से ही जिला बनाया जाना चाहिए था. पर क्षेत्र के कमजोर नेतृत्व के कारण अब तक पिथौरा जिला नहीं बन पाया. श्री वर्मा ने बताया कि पिथौरा क्षेत्र एवं आसपास का क्षेत्र आदिवासी बाहुल क्षेत्र है. इसमें मुख्यत: शहीद वीरनारायण सिंह की जन्म एवं कर्म भूमि सोनाखान जमीदारी राज, देवरी राज सहित राजा रणजीत सिंह का कौड़िया राज एवं कोमाखान राज मिलाकर नया जिला अस्तित्व में लाया जाना चाहिए.
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आदिवासी जिला बनने योग्य
उक्त क्षेत्र के बारे में रिकॉर्ड देखे तो पूरा क्षेत्र आदिवासी बाहुल है लिहाजा यह आदिवासी जिले के रूप में आतित्व में आएगा. इस संबंध में श्री वर्मा ने बताया कि नए जिले के गठन के लिए वे अपने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर एवं स्वयं मुलाकात कर यह मांग रखेंगे.
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