আবহাওয়া আইপিএল-2025 টাকা পয়সা পশ্চিমবঙ্গ ভারত ব্যবসা চাকরি রাশিফল স্বাস্থ্য প্রযুক্তি লাইফস্টাইল শেয়ার বাজার মিউচুয়াল ফান্ড আধ্যাত্মিক অন্যান্য
---Advertisement---

कलेक्टर ने साइकिल से सैर पर फूंक दिए डीएमएफ के 14.99 लाख रुपए!

Published on: November 25, 2022
---Advertisement---

महासमुंद. डीएमएफ की राशि खनिज उत्खनन क्षेत्र या इससे प्रभावित सात किमी के क्षेत्र पर खर्च की जा सकती है, बावजूद अधिकारियों ने इस मद से मनचाहा खर्च किया है. कलेक्टर ने खनिज न्यास मद (डीएमएफ) के 14.99 लाख रुपए साइकिल से सैर पर फूंक दिए! कलेक्टर जिला खनिज संस्थान न्यास के अध्यक्ष और जिला पंचायत सीईओ न्यास के सचिव हैं. दोनों ने खनिज विभाग मंत्रालय रायपुर छग के दिशा-निर्देश के विपरीत जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से 14.99 लाख रुपए साइकिल से सैर पर खर्च की प्रशासकीय स्वीकृति दी है. बता दें कि ‘टूर दे सिरपुर’ के तहत 26 मार्च की सुबह वन विद्यालय परिसर से साइकिल यात्रियों का दल सिरपुर के लिए रवाना हुआ था.

https://कचरा फेंकने के दौरान चकमा देकर कैदी फरार, मुख्य प्रहरी निलंबित

दल में कलेक्टर के अलावा जिला पंचायत के सीईओ, डीएफओ, तत्कालीन एसडीएम व नागरिक, सरकारी कर्मचारी, खिलाड़ी, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी थे. यात्रा को संसदीय सचिव ने हरी झंडी दिखाई थी. महज 40 किमी की इस यात्रा में 15 लाख खर्च किए गए. इस आयोजन पर कलेक्टर व पदेन अध्यक्ष जिला खनिज संस्थान न्यास ने जिला खनिज संस्थान न्यास मद से 14 लाख 99 हजार रुपए दो सौ रुपए खर्च की प्रशासकीय स्वीकृति दी है. 23 सितंबर 2022 को जारी प्रशासनिक स्वीकृति में कार्य का नाम टूर दे सिरपुर, कार्य की प्राथमिकता- अन्य प्राथमिक कार्य, सेक्टर -भौतिक संरचना/22-3 क, सब सेक्टर- अन्य औधोगिक अधोसंरचना कार्य बताया है. इस खर्च के लिए कलेक्टर ने नोडल एजेंसी एसडीएम राजस्व महासमुंद को बनाया है. खनिज न्यास मामलों के जानकार व छत्तीसगढ़ किसान मजदूर संघ के संयोजक ललित चन्द्रनाहू का कहना है कि खनिज विभाग मंत्रालय छग के निर्देशों के परे अध्यक्ष व सचिव जिला खनिज न्यास ने अपने पदीय शक्ति का दुरुपयोग किया है.

https://जामा मस्जिद में लड़कियों के प्रवेश पर पाबंदी हटी

खनिज न्यास मद का उपयोग सैर सपाटे के लिए नहीं किया जा सकता. यह सीधे तौर पर शासकीय धन का गबन है, गंभीर आर्थिक अपराध है. इसमें न्यास के अध्यक्ष के साथ ही न्यास के सचिव, तत्कालीन एसडीएम जिम्मेदार हैं. इस पर मुख्य सचिव को संज्ञान लेना चाहिए. जानकारों का कहना है कि कलेक्टर ने साइकिल से सैर कराया, कुछ नई महंगी साइकिलें ली गई, भोजन व अन्य तरह के प्रबंध किए और इसी पर डीएमएफ की राशि नोडल एजेंसी राजस्व महासमुंद के माध्यम से खर्च कर दिए. जानकारों का यह भी कहना है कि खनिज न्यास मद का उपयोग अधिकारी अपनी मनमर्जी से कर रहे हैं, जबकि यह नियम विरुद्ध है. मामले में संबंधित अधिकारियों से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, पर संपर्क नहीं हो सका.

https://घास में नंगे पैर चलने के हैं कई फायदे, डायबिटीज से लेकर बीपी तक करें कंट्रोल

जुड़िए हमसे….

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now