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‘तहसील कार्यालय महासमुंद के राजस्व अधिकारी नहीं मानते लोक सेवा गारंटी अधिनियम’

Published on: May 13, 2022
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महासमुंद. जिले में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली किसी से छिपी नहीं है. अनोखे कारनामों के लिए हमेशा चर्चित रहा है. ताजा उदाहरण नागरिक सेवा का प्रकाश में आया है, जिसके अनुसार नागरिकों की सुविधा व सेवा के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 सभी कार्यलयों में सेवा और कार्य दिवस का सूचना फलक भी प्रदर्शित है. जिसमें किस सेवा के लिए कितने दिन में कार्य होना है उसका उल्लेख है और सक्षम अधिकारी व अपीलीय अधिकारी भी नामित है. प्रावधान अनुसार प्रत्येक विलंब दिवस के लिए 100 रुपए प्रतिदिन के मान से जुर्माना वसूली कर आवेदक को दिलाए जाने का नियम है.

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सामाजिक कार्यकर्ता व आरटीआई एक्टिविस्ट पूर्व पार्षद पंकज साहू ने बताया कि उन्होंने तहसील कार्यालय में मुढ़ैना की भूमि के राजस्व प्रकरण नरेंन्द्र सिंह वगैरह विरुद्ध शासन के दस्तावेज की प्रमाणित प्रतिलिपि के लिए नकल आवेदन 12 जनवरी 2022को जमा किया. जिसमें लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 15 दिन का समय निर्धारित है, पर नायब तहसीलदार सूरज बंछोर के द्वारा जानबूझकर उक्त आवेदन को 5 माह तक लंबित रखा गया. आवेदक के द्वारा आवेदन का निराकरण करने के लिए कहा गया. जिसमें 10 मई 2022 को बंछोर के द्वारा विधि विरुद्ध टिप्पणी लेखकर आवेदन को निरस्त कर दिया गया. उन्होंने 13 मई को कलेक्टर से इसकी शिकायत कर नायब तहसीलदार के विरुद्ध लोक सेवा गारंटी के उल्लंघन के लिए कार्रवाई की मांग की है.

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