पिथौरा. विकासखण्ड के ग्राम कौहकुड़ा के मिडिल स्कूल में विगत 37 सालों से पदस्थ शिक्षक रामलल्लन सिंह की सेवानिवृति पर कुछ इस तरह विदाई दी गई कि पूरा कार्यक्रम ही ऐतिहासिक बन गया. शिक्षक की विदाई में ग्राम का ऐसा शायद ही कोई घर हो जो सपरिवार कार्यक्रम में न पहुंचा हो. समारोह के दौरान शिक्षक को इतने उपहार दिए गए कि उन्हें उपहार को अपने पिथौरा स्थित घर तक लाने के लिए एक मालवाहक किराए पर लेना पड़ा. इस संबंध में बताया गया कि इस मिडिल स्कूल में इनकी प्रथम नियुक्ति फरवरी 1985 हुई। बाद से ही ये 37 वर्षों तक एक ही शाला में पदस्थ रहे. इनके पढ़ाए अनेक शिष्य आज कई उच्च पद सेवा दे रहे हैं. ग्रामीण मानते हैं कि इन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है.
https://सभी जिलों में लगाई जाएगी छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा
पूर्व छात्रों ने भेंट की स्कूटी, उपहारों की भरमार
प्रधानपाठक आरपी सिंह की सेवानिवृति के अवसर पर जुटी ग्रामीणों की भारी भीड़ ने उन्हें उपहारों और फूल मालाओं से लाद दिया. जिसमें मुख्यतः संकुल के शिक्षकों की ओर से शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मान किया गया. इसी तरह कौहाकुड़ा के पूर्व छात्रों के द्वारा नई स्कूटी भेंटकर सम्मान किया गया. ग्राम हरदी के कर्मचारी संघ की ओर से टीवी भेंटकर सम्मान किया गया. इस तरह ग्राम और आस-पास ग्राम के सैकड़ों लोगों ने शॉल, श्रीफल व अन्य स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मान किया. इस तरह अपने उत्कृष्ट शिक्षक को हर किसी ने अपने-अपने तरीके से स्मृति चिह्न भेंटकर ससम्मान विदाई दी. कार्यक्रम के दौरान लोगों की आंखें भो नम थी.
https://पार्टनर की इन हरकतों से सख्त नफरत करती हैं महिलाएं, तोड़ सकती हैं रिश्ता
प्रधानपाठक के सम्मान में सांस्कृतिक कार्यक्रम
समारोह में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए. मिडिल स्कूल प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रधानपाठक आरएन सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच यशवंत सिंह दीवान ने की. विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व सरपंच गयाराम पटेल, पूर्व मंडी अध्यक्ष प्रेमशंकर पटेल, उच्चतर माध्यमिक शाला समिति अध्यक्ष नंदलाल पटेल, पूर्व अध्यक्ष अवधराम पटेल, मिडिल स्कूल समिति अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा साहू, प्राचार्य अनूप दीक्षित, पूर्व बीएसरसीसी आरएन यादव, राधेश्याम राजपूत, रामकुमार नायक, समन्वयक रोहिणी देवांगन, प्रधानपाठक नरेश नायक, लेखराम साहू, संतोष साहू, नोहरदास साहू, संकुल के शिक्षक-शिक्षिकाएं, स्कूली बच्चे व आश्रित शाला ग्रामों से सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे.
https://पाकिस्तान समेत 3 देशों से आए अल्पसंख्यकों को मिलेगी नागरिकता







