महासमुंद. शुल्क लेकर विलंब से सूचना देने के एक मामले में शिकायत पर राज्य सूचना आयोग ने आवेदक को शुल्क वापस करने का आदेश दिया है. छत्तीसगढ़ नागरिक कल्याण समिति के संयोजक व पूर्व पार्षद, सामाजिक कार्यकर्ता, आरटीआई कार्यकर्ता पंकज साहू ने जिला शिक्षा विभाग में सूचना का अधिकार के तहत आवेदन प्रस्तुत कर जिला शिक्षा अधिकारी के अंतर्गत आरएमएसए के अंतर्गत वर्ष 2015 से 2020 तक में प्रतिमाह आकस्मिक व्यय के लिए व्यय के मदों तथा व्यय हेतु अपनाई गई प्रक्रिया सक्षम स्वीकृति व व्यय के बिल वॉउचर्स भुगतान देयकों की प्रमाणित प्रतियां प्रदान करने का अनुरोध 28 दिसंबर 2020 को किया था.
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जिसमें जनसूचना अधिकारी/जिला शिक्षा अधिकारी ने 18 जनवरी 2021 को 3008 रुपए जमा करने का पत्र आवेदक को प्रेषित किया. शुल्क जमा करने का पत्र 22 दिवस के उपरांत प्रेषित किया गया तथा सूचना प्रदान करने का समय 08 दिवस शेष था. आवेदक ने 23 फरवरी 2021 को 2900 रुपए जमा कर दिया. पश्चात आवेदक को 12 अप्रैल 2021 को सूचना प्रेषित की गई जिसमें आवेदक ने पावती में निःशुल्क सूचना प्रदान करने तथा शुल्क वापस करने का टिप कर पावती दिया तथा शुल्क वापस करने का आवेदन दिया जिसमें किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई.
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जिससे व्यथित व क्षुब्ध होकर आवेदक ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 18 के तहत आयोग से शिकायत की जिसमें आयोग ने प्रकरण क्रमांक c/618/20-21 दर्ज कर प्रकरण की सुनवाई की. सुनवाई में जिला शिक्षा विभाग ने विलंब के लिए स्थानीय आनंद फोटो कॉपी को जिम्मेदार ठहराया है जिसे आयोग ने स्वीकार नहीं किया और अधिनियम की धारा 7 (1) का उल्लंघन करना पाया. जिसमें 17 दिसंबर 2021 को आदेश पारित किया गया. आदेश में जनसूचना अधिकारी/जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित कर आवेदक/शिकायतकर्ता पंकज साहू को 30 दिवस के भीतर आयोग के आदेश प्राप्त होने पर चेक/मनीआर्डर के माध्यम से जमा शुल्क 2900 रुपए वापस करने का आदेश पारित किया है.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) January 28, 2022







