रायपुर. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने शराबबंदी पर बड़ा बयान दिया है. उन्होने कहा है कि प्रदेश का 60 प्रतिशत हिस्सा आदिवासी बहुल है. वे खुद इसी समाज से आते हैं. आदिवासियों के रीति-रिवाज और नेंग में शराब महत्वपूर्ण है. पिछले कुछ वर्षों से तर्पण में शराब की जगह महुआ के फूलों का उपयोग होने लगा है, लेकिन अन्य रीति-नेम में शराब का महत्व बना हुआ है. ऐसे में उनकी निजी राय है कि अधिसूचित क्षेत्रों में पूर्ण शराबबंदी संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो सामान्य क्षेत्रों में शराबबंदी लागू कर सकती है.
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उन्होने बाद में यह भी कहा कि इस मामले में संगठन सरकार के फैसले के साथ है. मरकाम ने कहा कि शराबबंदी कांग्रेस के मेनिफेस्टो का हिस्सा है इसे जरूर लागू किया जाएगा. सरकार ने इसके लिए समिति बनाई है. वह शराबबंदी के प्रयोग वाले प्रदेशों का अध्ययन कर जल्द ही रिपोर्ट देगी. बाद सरकार इस पर फैसला लेगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के समय 36 वादे किए थे. उनमें से 24 को पूरा किया जा चुका है. शेष को भी अगले दो वर्षों में पूरा कर लिया जाएगा.
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