पिथौरा. स्थानीय तहसीलदार द्वारा एक ही दिन में 73 लोगों को सुनवाई में बुलाने से कानून का पालन करवाने वालों के कार्यालय में ही सोशल डिस्टेंस तार-तार हो गया. तहसील कार्यालय में भीड़ देखकर स्थानीय अधिवक्ताओं के आग्रह पर एसडीएम ने फोन कर केवल अत्यावश्यक मामलों को ही निपटाने के निर्देश दिए. ज्ञात हो कि इन दिनों कोरोना वायरस का प्रकोप चरम सीमा पर है किंतु पिथौरा तहसीलदार राजस्व मामलों की सुनवाई में भारी रुचि ले रहे हैं. बंद पड़े प्रकरणों में पक्षकारों को सूचना पत्र जारी कर बकायदा पेशी दी जा रही है. लोग साधन ना होने के बावजूद अत्यधिक खर्च कर दूर-दूर से आकर कार्रवाई में भाग लेने मजबूर हैं. गुरुवार को कुल 73 मामले सुनवाई हेतु रखे गए थे.
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जिसकी जानकारी होने पर पिथौरा के अधिवक्तागण लामबंद हो गए और जाकर तहसीलदार के समक्ष आपत्ति जताई तथा कलेक्टर के नाम एक लिखित आवेदन एसडीएम पिथौरा को सौंपा तथा कहा कि जब शासन ने एडवाइजरी जारी कर लॉकडाउन का पालन करने कहा है और महामारी की वैश्विक आपदा से निपटने के लिए प्रबंध करने कहा है ऐसी स्थिति में तहसीलदार के द्वारा बहुत प्रकरणों की सुनवाई हेतु नियत किया जाना आपत्तिजनक है. अधिवक्ताओं की मांग को सुनते ही एसडीएम ने तत्काल तहसीलदार को फोन लगाकर बहुत ही आवश्यक प्रकरणों की सुनवाई के निर्देश दिए हैं. ज्ञात हो कि तहसील कार्यालय द्वारा जारी किए गए नोटिस के आधार पर भारी भीड़ तहसील कार्यालय में इकट्ठा थी.
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