रायपुर. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्रीचंद सुन्दरानी ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में परोसे जा रहे मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को लेकर प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है. सुन्दरानी ने कहा कि प्रदेश सरकार के तमाम दावों के बावजूद स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना में लापरवाही खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. सुन्दरानी ने कांकेर जिले के नरहरपुर ब्लॉक के एक स्कूल के प्रकाश में आए मामले का हवाला देकर कहा कि अमूमन प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना में अफसरों के साथ ही स्कूल कर्मचारियों व संचालन समितियों की मिलीभगत और उदासीनता के चलते भर्राशाही चल रही है.
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उन्होने कहा कि नरहरपुर ब्लॉक के ग्राम मांडाभर्री स्थित स्कूल में तो कीड़ायुक्त भोजन तक परोसे जाने की शिकायत प्रकाश में आना इस योजना के उद्देश्यों पर प्रश्नचिह्न से कम नहीं है. इतना ही नहीं, प्रदेशभर में स्कूली बच्चों को निर्धारित मात्रा में गुणवत्तायुक्त पौष्टिक भोजन देने के आदेशों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही है. एक तरफ प्रदेश सरकार शालेय विद्यार्थियों के लिए सुपोषण के दावे कर रही है, वहीं गुणवत्ताहीन कीड़ायुक्त भोजन उन्हें परोसा जा रहा है. इसकी शिकायत करने पर विद्यालयों के प्रधानाध्यापक पालकों से ही दुर्व्यवहार करने पर उतारू हो जाते हैं. सुन्दरानी ने प्रदेश सरकार से इस मामलों पर संजीदा होकर कारगर कार्रवाई की मांग की है, क्योंकि गुणवत्ताहीन और कीड़ायुक्त मध्याह्न भोजन परोसा जाना प्रदेश के भविष्य की पीढ़ियों से खतरनाक खिलवाड़ है.







