पिथौरा. जिले के किसानों की विगत वर्ष बीज हेतु बेचे गए धान के अंतर की राशि अब तक नहीं मिली है. इस संबंध में जिले के कृषि बीज प्रबंधक अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि शासन से अब तक राशि नहीं आने के कारण भुगतान अटक गया है. देश भर के किसानों के साथ जिले के किसानों की आफत खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है. एक तरफ केन्द्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर के किसान आन्दोलित हैं. वहीं महासमुंद जिले में हजारों बीज उत्पादक किसान उपज का दाम न मिलने से परेशान हैं. बीज निगम कार्यालय का चक्कर काट रहे किसान अब तक आश्वासन की हवा खाकर जिन्दा हैं. महासमुंद जिले में बीज निगम के तीन खरीद केन्द्र (महासमुंद, बसना, सरायपाली) हैं.
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इन तीनों प्रक्रिया केन्द्रों के द्वारा किसानों से धान के बीज के लिए पंजीयन के बाद बीज उत्पादन कराया जाता है और उसकी खरीदी की जाती है. महासमुंद जिले में गतवर्ष दिसंबर 2019 में 626 किसानों से 66 हजार 885 क्विंटल मोटे और पतले धान का बीज खरीदा गया जिसकी कुल कीमत 4 करोड़ 78 लाख 71 हजार रुपए का भुगतान पिछले 1 वर्ष से अब तक नहीं हो पाया है जिससे किसान परेशान हैं. ग्राम अनवरपुर के बीज उत्पादक किसान लक्ष्मीलाल पटेल ने बताया कि बीज निगम के साहबान शासन स्तर का मामला बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं. उन्हें शासन को बीज दिए वर्ष भर हो गए पर अब तक निगम से उनका भुगतान नहीं आया है. इसके लिए वे डीएम तक चक्कर लगा चुके हैं पर उन्हें मात्र आश्वासन ही मिला.
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जल्द होगा भुगतान : प्रबंधक
इधर, महासंमूंद जिला बीज निगम के प्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि शासन से अब तक भुगतान नहीं आया है इसलिए नहीं हो पाया, आमतौर पर जून-जुलाई तक भुगतान कर दिया जाता है पर इस बार कुछ विलम्ब अवश्य हुआ है. उनकी उच्च अधिकारियों से बात हुई है. भुगतान आगामी कुछ दिनों के अंदर कर दिया जाएगा. बहरहाल, देशभर में आंदोलनरत किसानों की खबरों के बीच किसानों की सरकार नाम से जानी जाने वाली सरकार में भी किसानों के परेशान होने की खबर खासी मायने रखती है.







