नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक खत्म हो गई है. रिजर्व बैंक ने नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि मॉनिटर पॉलिसी ने एकमत से यह तय किया कि ब्याज दरों में कोई बदलाव न किया जाए. रेपो रेट 4 पर्सेंट और रिवर्स रेपो रेट 3.5 पर्सेंट पर बरकरार रखा गया है. इसके अलावा अन्य दरों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसका मतलब यह है कि लोगों के लोन ईएमआई पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा और वे यथावत रहेंगी. आरबीआई गवर्नर ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति की समीक्षा का ऐलान करते हुए कहा कि 15 हजार करोड़ रुपए की नकदी की व्यवस्था बैंकों को जाएगी.
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इससे बैंक होटल, टूर ऑपरेटर, रेस्टोरेंट, प्राइवेस बस, सलोन, एविएशन एंसिलियरी सेवाओं ऑपरेटर आदि को किफायती लोन दे सकेंगे. आरबीआई ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2021-22 में जीडीपी ग्रोथ 9.5 फीसदी रह सकती है. यह आंकड़ा अच्छा है, लेकिन यह रिजर्व बैंक के पहले के 10.5 फीसदी के अनुमान से कम है. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मॉनसून सामान्य रहने का अनुमान है और इसकी वजह से ग्रामीण मांग मजबूत रहेगी, जिसकी वजह से जीडीपी में काफी अच्छी बढ़त होने का अनुमान है. शक्तिकांत दास ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए इस साल यानी वित्त वर्ष 2021-22 में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स आधारित (खुदरा महंगाई) 5.1 फीसदी रह सकती है.
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