रायगढ़. खुद को पुलिसकर्मी बताकर अपहरण कर 10 साल की मासूम से दुष्कर्म पर अपर सत्र न्यायाधीश अच्छेलाल काछी ने दोष सिद्ध पाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. न्यायालय के जज ने उसे अलग-अलग धाराओं के तहत 4000 रुपए अर्थदंड से भी दंडित किया और अर्थदंड नहीं अदा करने पर उसे अतिरिक्त सजा का भी निर्देश दिया. घटना 1 मई 2020 को तमनार थाना क्षेत्र के गांव टपरंगा की है. लोक अभियोजक के अनुसार वर्ष 2020 में तमनार थाना क्षेत्र वर्कर कॉलोनी ग्राम टपरंगा निवासी 39 साल के अजीत सिंह पोर्ते (पिता मान सिंह) ने 10 साल की मासूम को सरकारी स्कूल के बाहर से तब जबरन उठा लिया जब वह अपने सहेलियों के साथ खेल रही थी.
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आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर आया था और खुद को पुलिसकर्मी बता रहा था. मासूम को वह मोटरसाइकिल से निर्जन खेत में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म कर फरार हो गया. जब मासूम अपने घर नहीं पहुंची और उसकी सहेलियों ने इसकी जानकारी परिजनों को दी. उसके पिता की रिपोर्ट पर तमनार पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई. तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक अभिनवकांत सिंह ने नाकेबंदी कर दी और आरोपी को धर दबोचा. इसमें आरोपी के खिलाफ पुलिस ने धारा 363, 365, 419 एवं 376 व 4 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत जुर्म दर्ज कर कर मामले को न्यायालय में पेश किया.
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निरीक्षक अभिनवकांत सिंह ने बताया कि इस पूरे मामले पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के कारण की इतनी जल्दी कोर्ट में चालान पेश हो सका. उनका मार्गदर्शन जांच में मिलता रहा. सोमवार को जज ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. इस मामले में छत्तीसगढ़ राज्य शासन की ओर से अपर लोक अभियोजन अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पैरवी की.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) August 29, 2021







