रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को दुर्ग जिले के पाटन तहसील के ग्राम रानीतराई में दक्षिण पाटन के लिए सिंचाई सुविधाओं हेतु एवं कटाव रोकने की महत्वपूर्ण घोषणा की. उन्होंने कहा कि 22 करोड़ रुपए की लागत से खारुन के बायीं ओर तटबंध बनाया जाएगा. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 5 करोड़ रुपए की लागत से खपरी, ओदरागहन, चुलगहन में सौर सामुदायिक सिंचाई योजना से प्रोजेक्ट बनाने की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां नदी नालों में लिफ्ट इरीगेशन की गुंजाइश है, वहां परीक्षण कराकर प्रोजेक्ट स्वीकृत किए जाएंगे. उन्होने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्यामाचरण शुक्ल कहते थे कि किसानों को सिंचाई के लिए पानी दे दें, वे अपना विकास स्वयं कर लेंगे. हमारी सरकार की प्राथमिकता है किसानों के लिए अधिकाधिक सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना.
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धान की खेती बढ़ने से इसकी मांग और बढ़ी है. दक्षिण पाटन में तांदुला सिंचाई तंत्र से पानी आता है, लेकिन टेल एंड तक सिंचाई की गुंजाइश काफी कम हो जाती है. नदी तथा नालों में सोलर लिफ्ट योजनाएं चलाई जाएंगी. इनकी सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए तालाबों में जल भरा जाएगा. तालाब नहीं होने पर तालाब खुदवाने की प्रक्रिया की जाएगी. उन्होंने कहा कि इससे सिंचाई सुविधा की गुंजाइश काफी बढ़ जाती है. उन्होंने कहा कि भूमिगत जल का स्तर बढ़ाने के लिए नरवा योजना के माध्यम से कार्य किया जा रहा है. इनके साथ सोलर योजनाएं आरम्भ होने से सिंचाई का रकबा बढ़ाने में बड़ी मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि पाटन में इंग्लिश मीडियम स्कूल भी आरम्भ करने का निर्णय लिया गया है. इस क्षेत्र में 6 स्कूलों के आरम्भ होने से लोग शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल में भी बच्चों को पढ़ा सकेंगे.
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