विष्णुचंद्र शर्मा
खरसिया. अग्रसेन चौक पर स्थित एचडीएफसी बैंक को विशेष साज-सज्जा के साथ देखा गया तो शंका समाधान हेतु मैनेजर अरुण पिल्लई से बात करने पर उन्होंने कहा कि आज रिपब्लिक डे सेलिब्रेट किया गया है. ऐसे में प्रश्न लाजिमी है कि बैंक तो निजी हो सकता है, परंतु क्या राष्ट्र और राष्ट्रीय पर्व भी प्राइवेट लिमिटेड होते हैं. क्या इन्हें भी अपनी सुविधा अनुसार सेलिब्रेट किया जा सकता है. बता दें शनिवार एवं रविवार को अवकाश होने के कारण एचडीएफसी बैंक प्रबंधन ने अपनी सुविधा के मद्देनजर 2 दिन पूर्व ही राष्ट्रीय पर्व मना लिया है. बताया जा रहा है कि इस बात की सूचना कर्मचारियों को एक दिन पहले ही दे दी गई थी.
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सभी कर्मचारियों को ट्रेडिशनल ड्रेस में बुलवाया गया था. वहीं पूरी शाखा को तिरंगे गुब्बारे तथा तिरंगे झंडे से सजाया गया था. ऐसे में जब कानूनविद एवं बुद्धिजीवी वर्ग से जानना चाहा कि क्या यह उचित है, तो सभी ने एक स्वर में कहा कि यह राष्ट्रीय पर्व के साथ खिलवाड़ है. ऐसे कृत्य पर एफआईआर भी की जा सकती है. वहीं एचडीएफसी बैंक के प्रबंधक ने बेधड़क कहा कि आज रिपब्लिक डे सेलिब्रेट किया गया है. जब शाखा के अंदर सजी दीवारों की तस्वीर लेना चाहा तो बैंक प्रबंधक ने उल्टे फोटो खींचने को प्रतिबंध लगाते हुए गलत ठहराया. खींची हुई तस्वीर भी डिलीट कर दी गई. खरसिया एसडीएम गिरीश रामटेके ने कहा कि 26 जनवरी तो 26 जनवरी जनवरी के दिन ही मनाई जा सकती है, मैं पता करता हूं.
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