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प्राथिमक स्वास्थ्य केंद्र खुद ‘बीमार’, यहां साल भर से नहीं हुआ प्रसव

Published on: December 25, 2022
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बागबाहरा. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुनगासेर इन दिनों खुद ‘बीमार’ है. लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने वाला यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जिम्मेदारों के उदासीन रवैया से भगवान भरोसे है. करीब एक साल से अस्पताल में प्रसव नहीं हो पा रहा है. इस क्षेत्र की महिलाओं को प्रसव के लिए बागबाहरा, महासमुंद, खरियाररोड, नुवापाड़ा जाना पड़ रहा है. सुविधाओं की कमी के चलते यह केंद्र नाम भर का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनकर रह गया है. स्थिति यह हो गई है कि प्रसव के लिए पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं और परिजनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

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जनपद अध्यक्ष स्मिता हितेश चंद्राकर ने उक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण कर ग्रामीणों से चर्चा की तो उन्होंने अपनी पीड़ा बयां करते हुए अस्पताल की दुर्दशा और अधिकारियों की लापरवाही से हो रही परेशानियों से अवगत कराया. केन्द्र और राज्य शासन ग्रामीणों के बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर रही है बावजूद यहां अव्यवस्था है. मुनगासेर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बैठक लेने पहुंचीं जनपद अध्यक्ष एवं जीवनदीप समिति की पदेन अध्यक्ष स्मिता हितेश चंद्राकर को निरीक्षण के दौरान जानकारी मिली कि एक साल से यहां प्रसव नहीं हो रहा है. प्रसव नहीं होने का मुख्य कारण प्रसव केंद्र के वॉल टाइल्स कमजोर होकर गिर रहे हैं और एएनएम और स्टाफ नर्स क्वार्टर में खिड़की-दरवाजे खराब हो जाने के कारण स्वास्थ्य अमला को रहते नहीं बन रहा है.

यहां पदस्थ ब्लॉक मुख्यालय बागबाहरा से आना-जाना करते हैं. प्रसव के बाद शिशु और उनकी माता को एक दिन रखना होता है. एएनएम और स्टाफ नर्स का निवास प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मुख्यालय में नहीं होने के कारण रात में आने वाले अस्वस्थ मरीज और प्रसव पीड़ा से जूझती महिलाओं को परेशानी होती है. इलाज के दौरान कहीं बड़ी समस्या उत्पन्न न हो इस डर से प्रसव कार्य को सुनियोजित तरीके से बंद कर दिया गया है. स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ और उच्च अधिकारियों के इस गैरजिम्मेदाराना हरकतों से ग्रामीण परेशान हैं. अलग-अलग कार्यों के लिए ब्लॉक स्तर और जिला स्तर पर विभिन्न अधिकारियों-कर्मचारियों को वाहन सुविधा उपलब्ध कराई जाती है ताकि वे ग्रामीण क्षेत्र की सतत निगरानी करें और स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर करने कमियों को दूर करें.

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लेकिन, इस स्वास्थ्य केंद्र में पिछले एक साल से प्रसव नहीं हो रहा है. निरीक्षण में पहुंचने वाले उच्च अधिकारियों को यहां की अव्यवस्था दिखी क्यों नहीं? प्रसव कार्य शत्-प्रतिशत स्वास्थ्य केंद्र में होना चाहिए ऐसा शासन-प्रशासन का सख्त निर्देश और नियम है. जनपद अध्यक्ष स्मिता चंद्राकर ने प्रसव केन्द्र और एएनएम नर्स क्वार्टर की मरम्मत के लिए जनपद निधि से राशि उपलब्ध कराने बैठक में राजमिस्त्री और वेल्डर को दो दिवस के भीतर कार्य करने नियुक्त किया, जिससे हर हाल में सप्ताह भर के भीतर प्रसव होना प्रारंभ हो. अध्यक्ष ने घोर लापरवाही की शिकायत संचालक, स्वास्थ्य सचिव और स्वास्थ्य मंत्री से जांच व कार्रवाई के लिए पत्र लिखने की बात कही.

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