रजिंदर खनूजा
पिथौरा. क्षेत्र की ग्राम पंचायतों ने एक और कारनामा करते हुए आचार संहिता में ही स्थानीय बैंकों से 14 वें वित्त आयोग की करोड़ों की राशि आहरित कर लीं. ज्ञात हो कि अनेक पंचायतों में कार्य प्रारंभ भी नहीं हुए हैं बावजूद कार्यों की राशि का आहरण आचार संहिता में ही कर ली गई है. सूत्रों के अनुसार विगत 16 दिसंबर को 14वें वित्त आयोग की राशि पंचायतों के खाते में जमा की गई थी. इसके बाद 23 दिसंबर को आचार संहिता लग गई. आचार संहिता लगते ही पंचायत प्रतिनिधियों ने बगैर देर किए ही अपने खातों से करोड़ों रुपयों का आहरण कर लिया. सूत्र बताते हैं कि ये राशि ऐसे कार्यों के नाम से निकाली गई है जो कि प्रारंभ ही नहीं हुए हैं.
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उक्त आहरण के बारे में एक बैंक अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर इसकी पुष्टि की है. इधर, जनपद सूत्रों के अनुसार वित्त आयोग की पंचायतों को मिलने वाली राशि का उपयोग वार्षिक कार्ययोजना में प्रस्तावित कार्यों का प्राक्कलन बनाकर ग्राम पंचायत से प्रशासकीय स्वीकृति लेने के बाद ही उक्त धनराशि का उपयोग किया जाता है. पर वर्तमान मामले में आचार संहिता के बावजूद कार्य प्रारंभ होने के पहले ही पंचायतों ने राशि आहरण कर आचार संहिता का उल्लंघन किया है. ज्ञात हो कि होने वाले पंचायत चुनावों में आरक्षण एवं अन्य कारणों से अनेक वर्तमान सरपंच दोबारा नहीं चुने जाएंगे. लिहाजा वे चुनाव के पूर्व ही आचार संहिता में ही धनराशि का आहरण कर गड़बड़ी को अंजाम दे रहे हैं.
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