पिथौरा. विगत दिनों ‘लाखों के गबन की शिकायत पर पहुंची जांच टीम, सामने नहीं आए सचिव’ शीर्षक से ‘छत्तीसगढ़ जनादेश’ में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए जिला पंचायत ने तत्काल प्रभाव से पंचायत सचिव वृंदावन विश्वकर्मा को निलंबित कर दिया है. पर सरपंच के बगैर डिजिटल हस्ताक्षर राशि निकालने वाले एक निजी कंप्यूटर ऑपरेटर पर आदेश के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. जानकारी के अनुसार स्थानीय जनपद पंचायत क्षेत्र में सरपंच की जानकारी के बगैर ही लगातार राशि आहरण कर गबन करने की खबरें आम हो गई है.
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एक सरपंच ने सचिव द्वारा 15वें वित्त मद से लाखों के आहरण कर गबन की शिकायत स्थानीय जनपद पंचायत में की थी. जहां टीम बनाकर जांच की मात्र औपचारिकता ही पूरी की जा रही थी. इस घटना की जानकारी सरपंच द्वारा ‘छत्तीसगढ़ जनादेश’ को देने के बाद प्रकाशित खबर में तत्काल सचिव को निलंबित कर दिया गया. निलंबन काल में सचिव को पिथौरा जनपद कार्यालय में संलग्न किया गया है. इधर, सूत्र बताते हैं कि पिथौरा जनपद के 90 फीसदी ग्राम पंचायत के सचिव एवं प्रतिनिधि जनपद कार्यालय के सामने स्थित एक कम्प्यूटर शॉप से ही शासन द्वारा जारी विभिन्न मदों की राशि आहरण करते हैं.
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लिहाजा इस शॉप में जनपद के अधिकांश सचिव एवं सरपंचों के डिजिटल हस्ताक्षर मौजूद होते हैं. नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर एक सचिव ने बताया कि जनपद के अधिकांश सचिव, सरपंच के बगैर ही उक्त कम्प्यूटर शॉप से 1 से 10 फीसदी कमीशन देकर राशि आहरण करा लेते हैं, पर इसकी शिकायत बहुत कम लोग ही करते हैं. ज्ञात हो कि उक्त चर्चित कम्प्यूटर शॉप पर वर्तमान एवं पूर्व के जिला पंचायत सीईओ कार्रवाई के निर्देश दे चुके हैं, पर जिला पंचायत के आदेश के बावजूद स्थानीय अफसर सब नजरअंदाज करते दिखते हैं.
लाखों के गबन की शिकायत पर पहुंची जांच टीम, सामने नहीं आए सचिव https://t.co/c40WudZLDK
— Cg Janadesh (@CJanadesh) May 8, 2022







