सीजी जनादेश प्रतिनिधि
बागबाहरा. बरगढ़ से मध्यप्रदेश जाने के लिए निकले 25 मजदूरों को स्थानीय पुलिस ने आज भोजन कराकर बस से उनके गृहग्राम के लिए रवाना किया. इससे पहले मजदूरों के आने की सूचना देने पर एसडीएम ने कहा कि- मैं वहां संक्रमित होने के लिए क्यों आऊं. उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के चलते देश के विभिन्न क्षेत्रों से मजदूरों का जत्था अपने घरों के लिए पैदल ही निकल पड़े हैं इस दौरान उन्हें बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे लोगों को मदद पहुंचाने संबंधी केंद्र और राज्य सरकारों के तमाम दावे खोखले साबित हो रहे हैं. सरकार कहीं भी मजदूरों की मदद नहीं कर पा रही है. समाजसेवी संस्था और कुछ अधिकारी ही मजदूरों को मदद पहुंचा रहे हैं. घर जाने के लिए पैदल निकला 25 मजदूरों का जत्था आज सुबह बागबाहरा पहुंचा. इस प्रतिनिधि ने रोककर उनसे पूछताछ की.
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जत्था में शामिल रुपलाल चौधरी, कमलेश, संजय, सोनू, अर्जुन, रामा, बल्लू, संजय बैगा, शियालाल बैगा, संतोश चौधरी, जितेन्द्र, नरेश चौधरी, राजकुमार चौधरी, नारायण चौधरी, किशोर चौधरी, रजनीश चौधरी, गणेश, मनोज, दीपक चौधरी, अशोक, मनोहर, रवि चौधरी आदि ने बताया कि वे मध्यप्रदेश के उमरिया कटनी क्षेत्र के गांव के रहने वाले हैं. वे ओड़िशा के बरगढ़ की एक फोरलेन सड़क निर्माण कंपनी में काम कर रहे थे लेकिन पूरे देश में लॉकडाउन की वजह से काम बंद हो गया. घर जाने निकले तो हमें बरगढ़ कलेक्टर ने 28 दिन तक क्वॉरंटाइन में रख लिया. बाद हमें हमारे हाल पर छोड़ दिया. बरगढ़ प्रशासन की लापरवाही का आलम यह कि हमें मध्यप्रदेश पहुंचाने कोई साधन मुहैया नहीं कराई गई. जबकि हमने मध्यप्रदेश सरकार को ऑनलाइन आवेदन भी किया था पर मध्यप्रदेश सरकार से भी कोई मदद नहीं मिली. रेल्वे ट्रेक के रास्ते पैदल चलते हुए आज सुबह 8 बजे हम बागबाहरा पहुंचे. मजदूरों का जत्था शहर में आने की सूचना जब एसडीएम को दी गई तो उन्होंने आने से साफ इंकार कर करते हुए कहा कि मैं वहां संक्रमित होने के लिए क्यों आऊं.
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एसडीएम ने मजदूरों की मदद करने वालों को भी 14 दिन के लिए होम क्वॉरंटाइन में सलाह दे डाली. साथ ही उन्होने ओड़िशा प्रशासन से बात कर मजदूरों को वापस ओड़िशा भेजने की बात कही. एक जिम्मेदार अधिकारी के इस व्यवहार की चर्चा पूरे शहर में हो रही है. एसडीएम के न पहुंचने पर इसकी सूचना इस प्रतिनिधि ने एसडीओपी लितेश सिंह को दी. इसके बाद एसडीओपी ने अपनी जिम्मेदारी के तहत मानवता का परिचय देते हुए तत्काल मौके पर पहुंचकर सभी मजदूरों को थाने लाकर सबसे पहले भोजन करा उनके बयान दर्ज किए. प्रतिभा पब्लिक के संचालक रूपेश गोयल ने बस की व्यवस्था की. पुलिस ने बस क्रमांक CG O6 H0164 से मजदूरों को मध्यप्रदेश स्थित उनके गृहग्राम के लिए रवाना किया. बस में डीजल की व्यवस्था और रास्ते में खाने की व्यवस्था इस प्रतिनिधि ने की.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) May 4, 2020







