रायपुर. भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष पूनम चंद्राकर ने धान खरीदी को लेकर शासन-प्रशासन के दोहरे आदेशों के मद्देनजर प्रदेश सरकार की नीयत पर हमला बोला है. चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरा धान खरीदने से बचने के लिए किसानों के साथ छलावा करके अपनी बदनीयती का प्रदर्शन कर रही है. उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों को रोज-रोज नए नियम बनाकर हलाकान कर रखा है. बेमेतरा कलेक्टर के ताजातरीन आदेश का हवाला देते हुए श्री चंद्राकर ने कहा कि अब किसानों से उत्पादन प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है और उसके बाद ही उन्हें टोकन दिया जाएगा. ऐसी स्थिति में किसानों को एक बार फिर पटवारियों के चक्कर काटने पड़ेंगे. एक बार पंजीयन होने के बाद यह एक और पंजीयन जैसा है जो न केवल गैर-जरूरी है, अपितु भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला भी है.
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राजस्व अमले पर किसानों का रकबा कम करने और खाने व बीज के लिए धान घटाने के बाद प्रति एकड़ 10 क्विंटल धान खरीदी का दबाव बनाए जाने की जानकारी मिली है. श्री चंद्राकर ने उत्पादन प्रमाण पत्र जैसे तुगलकी फरमान को प्रदेश सरकार का ‘काला आदेश’ बताते हुए कहा कि सरकार और नौकरशाही के नित-नए नियमों ने समितियों के अध्यक्ष प्रबंधक, कम्प्यूटर ऑपरेटर्स व अन्य छोटे कर्मचारियों सहित पटवारियों को भी भयाक्रांत कर रखा है. चंद्राकर ने कहा कि भाजपा ने इस ‘काला आदेश’ की मुखालफत कर इस फरमान की प्रतियां जलाकर अपना विरोध जताया है. पार्टी किसानों के हक की सीधी सड़क की लड़ाई भी ज़ोरदार तरह से लड़ रही है, और आगे भी लड़ने को तैयार है. श्री चंद्राकर ने कहा कि बार-बार निर्धारित लक्ष्य लिमिट को कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर में घटाया गया और बाद में किसानों के उग्र आंदोलन से घबराई सरकार के आदेश पर पुन: लक्ष्य लिमिट को यथावत किया गया, लेकिन जिले के वरिष्ठ अधिकारी समिति प्रबंधकों व अध्यक्ष समेत छोटे कर्मचारियों पर दबाव बना रहे हैं कि उनके द्वारा घटाई गई लिमिट पर ही समितियां धान खरीदे और अधिकारी इस तरह के मौलिक आदेश के उल्लंघन पर समिति प्रबंधक, अध्यक्ष व कम्प्यूट ऑपरेटर को एफआईआर की धमकी दे रहे हैं, जिससे वे भयभीत हैं और किसान हलाकान हो रहे हैं. श्री चंद्राकर ने जल्द इन समस्याओं का समाधान किए जाने की चेतावनी दी है.
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