रजिंदर खनूजा
पिथौरा. विगत दिनों पिथौरा के करीब फिरतु कटेल नर्सरी में मिली एक प्राचीन पत्थर की मूर्ति को स्थानीय पुलिस से रायपुर से पहुंचे महंत घासीदास संग्रहालय के अधिकारी अपने सुपुर्द ले लिए. अब उक्त मूर्ति राजधानी के पुरातत्व संग्रहालय में रखी जाएगी. मंगलवार को प्रात: राजधानी स्थित महंत घासीदास संग्रहालय के संग्राहक अध्यक्ष डॉ प्रताप पारख, सेवानिवृत उपसंचालक जीएल रैगवार, पर्यवेक्षक प्रभात सिंह एवं उत्खनन सहायक प्रवीण तिर्की पिथौरा थाना पहुंचे. यहां थाना प्रभारी कमला पुसाम ने पुरातत्व अधिकारियों को कुछ औपचारिकताओं के बाद उक्त मुर्ती सौंप दी.
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इस संबंध में पुरातत्व विभाग के डॉ प्रताप पारख ने इस प्रतिनिधि को बताया कि उक्त मूर्ति करीब 500 वर्ष से अधिक पुरानी है. इस मूर्ति के ऊपर 5 सर्प हैं जिससे यह मूर्ति दक्षिण के किसी खुदाई की लग रही है जिसे पहचानना अभी कठिन है. रायपुर ले जाने के बाद इसकी पहचान कर इसे संग्रहालय में लगाई जाएगी. ज्ञात हो कि विगत दिनों समीप के फिरतु कटेल जंगल में उक्त पत्थर की पुरातत्व मूर्ति मिलने से ग्रामीण उसे एक जगह स्थापित कर उसकी पूजा-अर्चना करने लगे थे. जिसकी खबर स्थानीय पुलिस को मिलते ही थाना प्रभारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे जब्त कर पुरातत्व विभाग को खबर कर दी थी.
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