पिथौरा. अर्जुनी वन परिक्षेत्र में एक बार फिर वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई. परिक्षेत्र के विभिन्न जंगलो में अतिक्रमण कर काबिज करीब दर्जनभर अतिक्रमणकारियों को बेदखल किया गया. वहीं इसके आसपास के परिक्षेत्र देवपुर में अवैध कटाई एवं बेतहाशा कटाई के साथ शिकार की घटनाएं जारी है. जानकारी के अनुसार कसडोल के एसडीओ उदय सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में अर्जुनी के रेंजर टीआर वर्मा ने अपनी विभागीय टीम एवं पुलिस बल की मदद से महाराजी परिवृत के छाता पहाड़ सहित नदी किनारे आरक्षित वन क्षेत्र में झोपड़ी बनाकर अतिक्रमण किया गया था. जिसे विभाग की टीम ने हटा दिया. जानकारी के अनुसार कार्तिक राम वल्द नारायण कर्ष, कपिल वल्द दशरथ कर्ष, मोतीलाल वल्द सहदेव साहू, दुकालू वल्द नारायण कर्ष सभी निवासी अर्जुनी, सतखोजन राम गिरौदपुरी,
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रामप्रसाद पुजारी, नवीन कुमार ग्राम मड़वा, सश्रवन वल्द पकला कर्ष, जेठूराम वल्द रूपसिंह कर्ष, दौवाराम वल्द जेठूराम कर्ष महाराजी के अतिक्रमण हटाए गए. उक्त कार्रवाई में लक्ष्मी श्रीवास्तव, सुखराम रात्रे, संतराम ठाकुर, संतोष चौहान, संतोष मांझी, चन्द्रकुमार मनहर, तृप्ति कुमार जायसवाल, सोहन यादव सहित क्षेत्र का वन अमला एवं पुलिस बल शामिल था. ज्ञात हो कि कसडोल क्षेत्र में वन एसडीओ यूएस ठाकुर एवं अर्जुनी क्षेत्र में रेंजर टीआर वर्मा की सक्रियता से अर्जुनी क्षेत्र के जंगल एवं वन्य प्राणी सुरक्षित हो गए हैं. वहीं इसके ठीक विपरीत देवपुर वन परिक्षेत्र में एक डिप्टी रेंजर को रेंजर का प्रभार देने, बार वन परिक्षेत्र में नव पदस्थ रेंजर एवं एसडीओ की निष्क्रियता से इन क्षेत्रों में शिकार अतिक्रमण और अवैध कटाई बढ़ गई है. पूर्व में इन क्षेत्रों में लगातार शिकारी एवं अवैध कटाई करने वालो पर कार्रवाई होती रहती थी जो कि अब पूरी तरह बंद है. जिससे लगता तो है कि अवैध काम नहीं हो रहे पर सूत्र बताते हैं कि इन क्षेत्रों में अब पूर्व से अधिक वन अपराध हो रहे है. पर अब वन विभाग की इन्हें अघोषित छूट सी मिल गई है जिससे अब पूर्व की तरह आरोपी पकड़े नहीं जाते.
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