सरायपाली. ग्राम पंचायत भंवरपुर में शासन के दिशा-निर्देशों को ठेंगा दिखाकर निर्माण कार्य किए जाने से कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं. पंचायत पदाधिकारियों की मनमानी और नियमों के परे जाकर किए जा रहे कार्यों को लेकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं. दरअसल, ग्राम पंचायत भंवरपुर के शासकीय बालक उच्चतर विद्यालय में शासन से 10 लाख रुपए आहाता निर्माण कार्य के लिए स्वीकृति मिली है. कार्य स्वीकृति के बाद कार्य प्रारंभ करते ही पंचायत पदाधिकारियों की मनमानी शुरू हो गई. कार्य स्थल पर बिना सूचना फलक के कार्य प्रारंभ किए जाने के बाद ग्रामीणों को यह मालूम हुआ कि नए आहाता निर्माण के बजाए पुराने आहाता के ऊपर ही नई ईंट लगाई जा रही है. प्रशासकीय स्टीमेट के विपरीत हो रहे इस कार्य को लेकर कार्य की गुणवत्ता में संदेह उत्पन्न हो गया है.
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निर्माण कार्य प्रारंभ करने के पूर्व सूचना फलक की अनिवार्यता शासन की ओर से जारी की गई थी. जिसका पालन करने के बजाए पंचायत पदाधिकारी और कार्य का देख-रेख करने वाले सब इंजीनियर की मनमानी का आलम यह है कि पुरानी दीवार के ऊपर ही नई ईंट जोड़कर राशि आहरण की तैयारी की जा रही है. यद्यपि पुराना आहाता मजबूत था तो नए आहाता स्वीकृत कराने की क्या आवश्यकता थी, यद्यपि कुछ मरम्मत कर पंचायत द्वारा शासन के लाखों रुपए की बचत की जा सकती थी. पर पंचायत पदाधिकारियों ने नए आहाता स्वीकृति के बाद पुरानी दीवार पर नई ईंट जोड़कर स्टीमेट के विपरीत कार्य प्रारंभ कर शासन को नुकसान पहुंचाने का कार्य किया है. जिसे लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं.
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मामले को लेकर सरपंच प्रतीक देवांगन से बात की गई तो उन्होनें बताया कि शाला विकास समिति व स्कूली शिक्षकों के साथ कार्य का देख-रेख कर रहे उपयंत्री की मौजूदगी में यह निर्णय हुआ था कि पुरानी दीवार की ऊंचाई बढ़ाने के लिए पुरानी दीवार पर ही नई ईंट जोड़कर कार्य किया जाए. स्टीमेट में ऐसा उल्लेख हुआ है के सवाल पर सरपंच ने ना में जवाब दिया. इधर, कार्य का देख-रेख कर रहे सब इंजीनियर विकास सोनी ने बताया कि सूचना फलक तो नहीं लगा है. कार्य का अभी तक भी एक बिल भी पास नहीं हुआ है. पुरानी दीवार जो उपयोगी है उसका उपयोग किया जाकर जो नया कार्य होगा उसी का बिल बनाया जाएगा. फिलहाल मैं उस साइड पर स्वास्थ्यगत कारणों से एक माह से नहीं जा पाया हूं.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) October 22, 2020







