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टैक्स निर्धारण में ‘मेरी मर्जी’ चला रही नगर पंचायत !

Published on: October 29, 2020
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भगतराम वधवा

बसना. स्वच्छता टैक्स निर्धारण में नियम ताक पर रखकर नगर पंचायत मनमाना निर्धारण कर व्यापारियों का शोषण करने में लगी है. गाड़ियों से घरेलू कचरा कलेक्शन में नगर पंचायत ने स्वयं के लगाए टैक्स में 50 फीसदी की वृद्धि कर नगरवासियों का हर माह का बजट प्रभावित किया था कि व्यापारियों पर दुकानों पर टैक्स निर्धारण कर सूची जारी की थी. सूची का अवलोकन करने पर नगर पंचायत द्वारा मनमानी करने की पुष्टि हुई है. किसी दुकानदार को 50 पैसे प्रतिवर्गफीट दर से टैक्स लगाया गया है तो किसी को कम. अनेक ऐसे भी दुकानदार हैं जिनसे 50 पैसे वर्ग फीट से ज्यादा टैक्स लगाया गया है. पूरी सूची मनमाना दर को प्रमाणित करती है.

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इस प्रतिनिधि ने सूची से कुछ दुकानों की जानकारी वर्गफुट अनुसार साझा की उसके अनुसार नगर पंचायत से लगे एक दुकानदार को 1000 वर्गफीट का 200 रुपए, कुछ दूरी पर 2800 वर्गफीट की दुकान का 1400 रुपए निर्धारण कर टैक्स की वसूली की गई है. इसी तरह 1250 फीट का 400 रुपए, 600 फीट का 150 रुपए, 240 फीट का एक दुकान से 100 रुपए तो दूसरे से 240 फीट का 200 रुपए लिए जा रहे हैं. इसी क्रम में 750 फीट का 200 रुपए तो 180 फीट का 250 रुपए वसूली की जा रही है.1500 फीट का 400 रुपए, 2700 फीट का 750 रुपए, 1020 फीट का 200 रुपए पुरी सूची विसंगतियों से भरी पड़ी है. नगर पंचायत को मालूम है कि 23 मार्च से 30 अप्रैल तक लॉकडाउन था.

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इस दौरान नगर की सभी दुकानें बंद थीं, इसके अलावा तीन सप्ताह और लॉकडाउन के कारण दुकानें बंद थीं और कंटेनमेंट जोन के कारण जगदीशपुर रोड की दुकानें 15, वार्ड 8 के रहवासियों की दुकानें 15 और वार्ड 12 की अनेक दुकानें बंद थीं बावजूद नगर पंचायत टैक्स में कोई छूट दुकानदारों को नहीं दे रही है. नगर पंचायत की मनमानी से नगरवासियों के अधिकार का हनन तो हो रहा है साथ में मनमानी से आर्थिक शोषण भी हो रहा है. इस संबंध में सीएमओ की अनुपस्थिति में सब इंजीनियर विप्र प्रधान ने कहा कि पूर्व सीएमओ द्वारा टैक्स निर्धारण किया गया है, सूची का अवलोकन करने के बाद निर्णय लिया जा सकेगा.

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