महासमुंद. 15वें वित्त की राशि आबंटन में भेदभाव का आरोप लगाते हुए जिला पंचायत सदस्य और भाजपाई शुक्रवार दोपहर जिला पंचायत के प्रवेश द्वार में ताला जड़ कर धरने पर बैठ गए. सभी ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. करीब 12:30 बजे पंचायत सदस्य और भाजपाई नारेबाजी करते हुए जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे. रैली के पहुंचते ही नेताओं ने पुलिस द्वारा लगाए स्टापर को धक्का देते हुए कार्यालय के अंदर प्रवेश किया और कार्यालय के प्रवेश द्वार में तालाबंदी कर गेट में ही धरने पर बैठ गए. धरने के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कांग्रेस और जिला पंचायत सीईओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. मौके पर पहुंचे एसडीएम राकेश गोलछा को भाजपाइयों ने ज्ञापन सौंपा जिस पर उन्होंने निराकरण का आश्वासन दिया.
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जिला पंचायत सदस्य अलका चंद्राकर, वृंदावती पांडे, पूर्व राज्यमंत्री पूनम चंद्राकर, प्रदीप चंद्राकर, सुधा साहू सहित अन्य ने अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पर 15वें वित्त की राशि के आंबटन में भेदभाव का आरोप लगाया. उन्होने कहा कि साल 2021-22 में 15वें वित्त की राशि में जिला पंचायत के 3 सदस्यों को क्षेत्र के विकास के लिए मात्र 15 लाख रुपए का आंबटन दिया गया था. जबकि अन्य सदस्यों को 30-35 लाख रुपए आंबटन किया गया है. उक्त मामले से कलेक्टर को अवगत कराने पर मामले की पुनरावृत्ति नहीं होने का आश्वासन दिया. पर वर्तमान वित्तीय वर्ष 2022-23 में उन्हें फिर से 15-20 लाख का कार्य दिया गया जबकि अन्य सदस्यों को 35-40 और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष को करीब 1.60 करोड़ रुपए आंबटित की गई है. जिला पंचायत सदस्यों ने राशि आंबटन में भेदभाव की बात पर कहा कि राशि में की गई कटौती से उनके क्षेत्र का विकास कार्य बाधित हो गया है.
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