महासमुंद. महासमुंद मेडिकल कॉलेज को अंततः (नेशनल मेडिकल कमीशन) एनएमसी से हरी झंडी मिल गई. बताया जाता है कि इसी सत्र से यहां मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई शुरू हो जाएगी. गौरतलब है कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं को लेकर संसदीय सचिव व विधायक विनोद चंद्राकर शुरू से शासन-प्रशासन का ध्यानाकर्षित कराते रहे हैं. इसी का परिणाम रहा कि विधानसभा क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज की सौगात मिल सकी. मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 325 करोड़ की स्वीकृति मिली थी. पिछले सत्र में कुछ तकनीकी खामियों की वजह से मेडिकल कॉलेज महासमुंद को अनुमति नहीं मिल सकी थी. बाद एनएमसी के नार्म्स को पूरा कराने संसदीय सचिव श्री चंद्राकर लगातार मानिटरिंग करने के साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के संपर्क में रहे.
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कॉलेज में सेटअप के साथ ही मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के लिए राज्य शासन की ओर हॉस्पिटल का निर्धारण भी उनके अथक प्रयास के बाद किया गया. बाद शुक्रवार को एनएमसी से मेडिकल कॉलेज महासमुंद के डीन को एक पत्र के माध्यम से सौ सीटों के संचालन के लिए अनुमति दी गई है. संसदीय सचिव श्री चंद्राकर ने बताया कि पिछले सत्र में कुछ कमियों के चलते एनएमसी से मान्यता नहीं मिल सकी. बाद नार्म्स को लेकर कॉलेज प्रबंधन से लगातार संपर्क कर आवश्यक तैयारियां कराई गई. जिससे मेडिकल कॉलेज महासमुंद को एनएमसी के नार्म्स के मुताबिक आवश्यक संसाधन मुहैया कराने की पहल की गई. नतीजतन शुक्रवार को एनएमसी ने महासमुंद मेडिकल कॉलेज महासमुंद को सौ सीटों के लिए मान्यता दी है. उन्होंने बताया कि इसी सत्र से कॉलेज में अध्यापन का कार्य शुरू हो जाएगा.
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