रजिंदर खनूजा
पिथौरा. बंगाल के मूर्ति कलाकारों को अब स्थानीय मूर्ति कलाकारों ने पीछे छोड़ दिया है. ज्ञात हो कि कोरोनाकाल के पूर्व तक बंगाल के मूर्ति निर्माता कलाकार ही क्षेत्र में अस्थायी डेरा डालकर मूर्ति निर्माण किया करते थे. नगर के मध्य स्थित अरविंद हार्डवेयर के सामने नगर से 20 किलोमीटर दूर विकासखण्ड के ग्राम डोंगाझर निवासी ऐतराम साहू अपने आधा दर्जन साथियों के साथ करीब तीन दर्जन दुर्गा की प्रतिमाएं बनाने में विगत 15 दिनों से जुटे हैं. मूर्तिकार ऐतराम ने बताया कि इस वर्ष उनकी मेहनत और मूर्ति की सुंदरता देखते हुए करीब 30 से अधिक मूर्तियों के ऑर्डर मिले हैं. जिन्हें पूरा करने उनकी टीम दिन-रात जुटी है. ऐतराम बताते हैं कि उन्हें इतनी अधिक दुर्गा प्रतिमा बनाने का आर्डर पहली बार मिला है. जिसके लिए वे और उनकी टीम दिन-रात मेहनत कर रही है.
https://Vivo X70 Pro और X70 Pro+ भारत में लॉन्च, जानिए कीमत और स्पेसिफिकेशन
पैरा एवं मिट्टी का उपयोग
ऐतराम साहू ने बताया कि मूर्ति निर्माण में वे पैरा एवं काली मिट्टी का ही उपयोग करते हैं जो कि पानी में आसानी से घुल सकते हैं. इस मूर्ति के विसर्जन के बाद भी पर्यावरण बिगड़ने का कोई खतरा नहीं रहता. श्री साहू के अनुसार मूर्ति की साइज के अनुसार मूल्य तय किया गया है इसमें न्यूनतम 11 हजार एवं अधिकतम 31 हजार रुपए प्रति मूर्ति की दर से ऑर्डर लिए गए हैं.
https://Google Play Store ने बैन किए 136 खतरनाक ऐप्स, आप भी तुरंत कर दें डिलीट
सरकारी आदेश बेअसर
दूसरी ओर प्रतिदिन सरकारी तौर पर पर्व मनाने की अलग-अलग गाइडलाइन जारी की जाती है पर विगत दो वर्षों से सूने पड़े पर्वों को मनाने की ठान चुके लोग अब सरकारी कोविड-19 गाइडलाइन की परवाह किए बगैर ही नवरात्रि दुर्गा पूजा, दशहरा एवं दीपावली पर्व धूमधाम से मनाए जाने के मूड में दिखाई दे रहे हैं. लिहाजा आने वाले उक्त पर्वों में खासी भीड़ जुटने की संभावना है.







