আবহাওয়া আইপিএল-2025 টাকা পয়সা পশ্চিমবঙ্গ ভারত ব্যবসা চাকরি রাশিফল স্বাস্থ্য প্রযুক্তি লাইফস্টাইল শেয়ার বাজার মিউচুয়াল ফান্ড আধ্যাত্মিক অন্যান্য
---Advertisement---

स्वामीभक्त कुत्ते का स्मृतिस्थल है कुकुर देव मंदिर, सम्मान देने पहुंचे सीएम

Published on: September 19, 2022
---Advertisement---

रायपुर/बालोद. मनुष्य के गुण उसे देवता बना देते हैं, ये हम सबने सुना है. पर, क्या किसी पशु के दैवीय गुण उसे पूजनीय बना सकते हैं. क्या कोई ऐसा मंदिर हो सकता है, जहां किसी स्वामिभक्त कुत्ते की समाधि हो और वहां लोग आस्था से अपने सर झुकाएं. ऐसा ही एक अनोखा मंदिर है बालोद जिले का कुकुर देव मंदिर, जहां सोमवार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुंचे और कर्तव्यपरायणता का प्रतीक बन चुके बेजुबान जानवर की स्मृति को नमन किया. मुख्यमंत्री ने कुकुरदेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की. मुख्यमंत्री ने मंदिर में रुद्राक्ष के पौधे का रोपण किया. जनश्रुति के अनुसार खपरी कभी बंजारों की एक बस्ती थी, जहां एक बंजारा के पास एक स्वामी भक्त कुत्ता था. कालांतर में क्षेत्र में भीषण अकाल पड़ा जिससे बंजारा को अपना कुत्ता एक मालगुजार को गिरवी रखनी पड़ी.

https://सोने की कीमतों में गिरावट का रुख जारी, चेक करें लेटेस्ट रेट

मालगुजार के घर एक दिन चोरी हुई और स्वामीभक्त कुत्ता चोरों द्वारा छुपाए धन के स्थल को पहचान कर मालगुजार को उसी स्थल तक ले गया. मालगुजार कुत्ते की वफादारी से प्रभावित हुआ और उसने कुत्ते के गले में उसकी वफादारी का वृतांत एक पत्र के रूप में बांधकर कुत्ते को मुक्त कर दिया. गले में पत्र बांधे यह कुत्ता जब अपने पुराने मालिक बंजारा के पास पहुंचा तो उसने यह समझ कर कि कुत्ता मालगुजार को छोड़कर यहां वापस आ गया. क्रोधवश कुत्ते पर प्रहार किया, जिससे कुत्ते की मृत्यु हो गई. बाद में पत्र देखकर बंजारा को कुत्ते की स्वामी भक्ति और कर्तव्य परायणता का एहसास हुआ और वफादार कुत्ते की स्मृति में कुकुर देव मंदिर स्थल पर उसकी समाधि बनाई. फणी नागवंशीय राजाओं द्वारा 14वीं-15वीं शताब्दी में यहां मंदिर का निर्माण करवाया गया.

जुड़िए हमसे….

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now