महासमुंद. फिंगेश्वर राज और सरायपाली रियासत के राजा महेन्द्र बहादुर सिंह (96) का सोमवार देर रात निधन हो गया. सप्ताहभर पहले तबीयत बिगड़ने पर उन्हे रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन पर शोक की लहर दौड़ गई. उन्हे आज अंतिम विदाई दी जाएगी. बता दें कि वे अविभाजित मध्यप्रदेश में मंत्री रहे. राज्यसभा में दो बार सदस्य चुने गए. सात बार के विधायक और सबसे वरिष्ठ होने से उन्हें छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रथम (प्रोटेम) स्पीकर होने का गौरव प्राप्त है. स्वतंत्र भारत में साल 1957 से महेंद्र बहादुर सिंह कई चुनाव लड़े और जीते. जब कांग्रेस ने उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाया तो वे निर्दलीय भी बसना क्षेत्र से चुनाव लड़े और जीतकर आए. उनके निधन पर राज्यपाल अनुसुईया उइके, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने शोक जताया है.
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राजस्व पुस्तक परिपत्र के तहत पीड़ितों को 12 लाख रुपए की आर्थिक सहायता
रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विभिन्न प्राकृतिक आपदा से पीड़ितों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत आर्थिक सहायता जिला कलेक्टरों के माध्यम से स्वीकृत की जाती है. ऐसे तीन प्रकरणों में उत्तर बस्तर कांकेर जिले में 12 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है. राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत उत्तर बस्तर कांकेर जिले की अंतागढ़ तहसील के ग्राम तुमसनार के मिलन कुमार और करिश्मा मण्डावी की मृत्यु पानी में डूबने से तथा ग्राम मंगतासाल्हेमाट निवासी नमिता दर्रो की मृत्यु सांप के काटने से होने पर मृतकों के पीड़ित परिजनों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है.







