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कांग्रेस से टिकट के लिए बसंती को खिलेश्वरी और विनीता की चुनौती

Published on: September 22, 2019
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पारस सांखला

बागबाहरा. नगरीय निकाय चुनाव के लिए अध्यक्ष पद हेतु आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कांग्रेस-भाजपा के टिकट के दावेदार अपने समर्थकों के साथ गली-मोहल्ले में लोगों से मिलकर माहौल तैयार कर रहे हैं. बागबाहरा नगरपालिका अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित है. यहां महिला सीट होने के कारण नेताओं ने अपनी पत्नियों को चुनाव लड़ाने के लिए कसरत शुरु कर दी है. यहां एक बार पुरुष, दूसरी बार महिला के लिए अध्यक्ष पद रोटेशन के आधार पर बदलता आया है. अब पार्टियां तय करेंगी कि टिकट किसे दिया जाए. अध्यक्ष पद के लिए दावेदारों में वर्तमान अध्यक्ष बसंती बघेल के अलावा खिलेश्वरी ताम्रध्वज बघेल, विनीता महेन्द्र बंजारे ने भी मैदान में उतरने का ऐलान कर वर्तमान अध्यक्ष के लिए चुनौती पैदा कर दी हैं. 2010 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी उकिया शंकर तांडी ने कांग्रेस की बसंती बघेल को भारी मतों से हराकर अध्यक्ष बनी थीं.

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2014 के चुनाव में बसंती बघेल ने भाजपा प्रत्याशी शंकर तांडी को शिरकत देते हुए अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की थी. नगर पालिका बागबाहरा में वार्डों की संख्या 15 है इन वार्डों में भाजपा-कांग्रेस व निर्दलीय की संख्या कमोबेश बराबर होने के कारण अध्यक्ष को मेयर इन काउंसिल गठन करने में कभी कांग्रेस से बगावत कर चुनाव जीतकर आए पार्षद का सहारा लेना पड़ा तो कभी भाजपा से इसी खींचतान में पूरा पांच साल निकल गया. पिछले वर्ष पार्षदों ने अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया तब खाली कुर्सी, भरी कुर्सी में पुनः मतदान हुआ जिसमें महज बीस मतों से कांग्रेस कुर्सी बचाने में कामयाब हुई थी. इस बार खल्लारी में कांग्रेस विधायक द्वारिकाधीश यादव के नेतृत्व में यह चुनाव लड़ेगी. इस बार भी टिकट के लिए घमासान मचना तय है. सभी बड़े नेता अपने-अपने समर्थकों की टिकट के लिए रस्साकशी शुरू कर दिए हैं.

इस बार कांग्रेस में पढ़ी लिखी और दमदार महिला प्रत्याशी उभर कर सामने आ रही हैं. प्रमुख रुप से खिलेश्वरी ताम्रध्वज बघेल, विनीता महेन्द्र बंजारे और भुनेश्वरी (भूमि) दिनेश मोंगरे का नाम टिकट के लिए चर्चा में है. अभी तक के जो हालात हैं उसमें सियासी पलड़ा खिलेश्वरी बघेल और विनीता बंजारे के पक्ष में भारी दिख रहा है. उम्मीदवार अपने करीबी बड़े नेताओं के अलावा नगरवासियों से सतत संपर्क में जुट गए हैं. युवाओं की फौज के साथ ताम्रध्वज बघेल कांग्रेस पार्टी के कार्यक्रम से हमेशा जुड़े रहने के कारण शहर में पहचान के मोहताज नहीं है किसी की मुसीबत में दौड़कर सामने आते हैं जिला कांग्रेस के महामंत्री भी हैं. पार्टीगत राजनीति से ऊपर उठकर युवाओं और समाज के सभी वर्गों में अच्छी पकड़ है.

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खिलेश्वरी ताम्रध्वज बघेल ने स्नातक तक पढ़ाई की हैं. इधर, विनीता बंजारे का मायका और ससुराल पक्ष दोनों कांग्रेस से जुड़े हैं. विनीता बंजारे के ससुर स्वर्गीय हीरालाल बंजारे शुरु से ही कांग्रेस से जुड़े रहे. उनकी स्वच्छ छवि तथा नि:स्वार्थ सेवा भावना के लोग कायल थे. बंजारे छात्र जीवन से ही कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे. बंजारे बीस सूत्रीय कार्यक्रम के अध्यक्ष, सरपंच, उपसरपंच, जनपद सदस्य, सहकारी समिति खल्लारी में 2 बार अध्यक्ष भी थे. सतनामी समाज के अध्यक्ष व जिला उपाध्यक्ष भी रहे. उधर, विनीता बंजारे के पिता देवीलाल बार्वे लवन में तीन बार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं. महेन्द्र बंजारे, विजय बंजारे दोनों भाई कांग्रेस से जुड़े हैं एक सरपंच और दूसरा जनपद सदस्य. यही वजह है कि नगर में अन्य उम्मीदवार होने के बावजूद विनीता बंजारे को भी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता.
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