रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के विभिन्न शाला भवनों की मरम्मत और रखरखाव के लिए 500 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है. उन्होंने मुख्य सचिव को सभी शालाओं में निर्विघ्न पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए वर्षा ऋतु समाप्त होते ही शाला भवनों की मरम्मत तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को दिए गए निर्देशों में कहा है कि प्रदेश व्यापी भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और मीडिया प्रतिनिधियों से शाला भवनों की दशा के बारे में जानकारी मिली थी. लंबे समय से शाला भवनों की मरम्मत के लिए पर्याप्त राशि का प्रावधान न होने से मरम्मत का कार्य नहीं कराया जा सका. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि आगामी शालेय सत्र (जून 2023) आरंभ होने के पूर्व शालाओं की मरम्मत और रखरखाव हेतु कम से कम 500 करोड़ रुपए (पांच सौ करोड़ रुपए) का प्रावधान किया जाए.
https://रमदहा जलप्रपात में डूबने से 6 लोगों की मौत, पिकनिक मनाने आए थे
डब्ल्यूएचओ ने छत्तीसगढ़ सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं को सराहा
रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, स्वच्छता और सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं पर केंद्रित होकर निरंतर कार्य कर रही है. यहां के आदिवासी अंचलों और सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जागरुकता अभियान चलाने के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में प्रयास हो रहे हैं. जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत और जन-जन के लिए सुलभ हुई हैं. ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अपने ऑफिशियल वेबसाइट पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही इन जन-स्वास्थ्य योजनाओं का उल्लेख किया है.
https://सुगंधा मिश्रा ने शेयर किया वीडियो, देखकर नहीं रुकेगी हंसी







