रायपुर. राज्य शासन द्वारा सहायक शिक्षक से प्रधानपाठक प्राथमिक शाला पद पर पदोन्नति उपरांत पदांकन के संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं. निर्देश में कहा गया है कि पदांकन सर्वप्रथम शिक्षकविहीन शालाओं में और उसके बाद एकल शिक्षकीय शालाओं में प्राथमिकता के आधार पर किया जाए. उल्लेखनीय है कि शासन के ध्यान में यह तथ्य आया है कि वर्तमान में सहायक शिक्षक से प्राधानपाठक प्राथमिक शाला के पद पर पदोन्नति के बाद पदांकन में विधिवत प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है. इन तथ्यों को ध्यान रखते हुए राज्य शासन द्वारा सहायक शिक्षक से प्रधानपाठक प्राथमिक शाला के पद पर पदोन्नति के बाद पदांकन के संबंध में निर्देश प्रसारित किए हैं.
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स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जिन जिलों में आज दिनांक तक पदांकन आदेश जारी नहीं किए गए हैं, उन जिलों में पदाकंन की कार्रवाई काउन्सिलिंग के माध्यम से ही की जाए. इसके लिए सर्वप्रथम शिक्षकविहीन शालाओं में पदांकन किया जाए. शिक्षकविहीन शालाओं में पदांकन पूर्ण होने पर एकल शिक्षक की शालाओं में प्राथमिकता के आधार पर पदांकन किया जाए. इन दोनो श्रेणियों में रिक्तियां भरे जाने के बाद अन्य आवश्यकता के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर स्कूलों में पदांकन किया जाए. जो शिक्षक वर्तमान पदांकन से संतुष्ट नहीं है, उनके द्वारा 10 दिवस के भीतर जिला शिक्षा अधिकारियों के समक्ष अभ्यावेदन किया जा सकता है. जिला शिक्षा अधिकारी संबंधित के अभ्यावेदन का निराकरण विधिवत काउन्सिलिंग के माध्यम से 7 दिवस के भीतर करें और की गई कार्यवाही से संचालक लोक शिक्षण को अवगत कराएं.
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