रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में कोरोना वायरस से बचाव के लिए की गई व्यवस्थाओं और लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के इंतजामों की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने राजधानी रायपुर के एम्स और जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में कोरोना टेस्टिंग किट और मास्क की उपलब्धता की समीक्षा की. उन्होंने एहतियाती उपायों के तहत हर जिले में कोरोना प्रभावितों के इलाज लिए सौ-सौ बेड की व्यवस्था करने और प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में कोरोना प्रभावितों के इलाज की आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिए. बैठक में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम भी उपस्थित थे. बैठक में जानकारी दी गई कि रिम्स मेडिकल कॉलेज को कोविड-19 हॉस्पिटल के रूप में तैयार किया जा रहा है, यहां 500 बेड की व्यवस्था की जा रही है.
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अगले 10 दिनों में यह अस्पताल तैयार हो जाएगा. मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ के जो लोग दूसरे प्रदेशों में गए हैं, उन्हें वहीं रहने को कहा गया है. उनके लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं कलेक्टर के माध्यम से कराई जा रही है. इसी तरह दूसरे प्रदेशों के जो लोग छत्तीसगढ़ में आए हैं, उन्हें यहां रूकने के लिए कहा गया है. उन्हें भी सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है. मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि फल, सब्जी, दूध की आपूर्ति तथा गेंहू की कटाई और धान की खेती में लगे किसानों और मजदूरों को न रोका जाए. खाद, बीज और धान की आपूर्ति में लगे हमालों को न रोका जाए. मजदूरों को काम करते समय सोशल डिसटेंसिंग बनाए रखने की समझाईश दी जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को फल और सब्जी की आपूर्ति बाजार और उपभोक्ताओं तक बनाए रखने से न रोका जाए, नहीं तो इन चीजों के दाम बढ़ सकते हैं. उन्होंने आटा, बेसन और शक्कर की आपूर्ति भी बनाए रखने के निर्देश दिए.
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