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कोरोना संक्रमितों के घरों के बजाय, पड़ोसी पत्रकार का घर कर दिया सील !

Published on: April 14, 2021
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बागबाहरा. महासमुंद जिले में प्रशासन ने कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पाबंदियां लगाई गई है. वार्ड 5 के एक ही गली में करीब 12 लोग संक्रमित हैं. लेकिन पालिका प्रशासन ने इसे संक्रमण जोन बनाए जाने के बजाय वहां निवासरत एक पत्रकार के घर को बैरिकेटिंग से घेरकर सील कर दिया है. संक्रमण जोन में रहने वाले संक्रमित मरीजों को सर्विलांस में रखा जाता है. उन्हें बाहर बेरोकटोक घूमने की छूट नहीं दी जाती लेकिन किसी भी संक्रमितों के घर को सील नहीं किया गया. तब एक पत्रकार के घर को कैसे सील कर दिया गया यह हैरानी की बात है. संक्रमण जोन घोषित होने के बाद सबसे पहले सेनिटाइज करना होता है, लेकिन दूसरे दिन भी सेनिटाइज न तो वार्ड 5 में किया गया और न ही संक्रमितों के घर को.

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किसी भी वार्ड में 10 से अधिक मरीज पाए जाने के बाद इलाके को कंटेंनमेंट जोन घोषित किया जाता है और वहां किसी को भी आने-जाने की इज़ाज़त नहीं होती. अगर नए स्टैण्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर के तहत यदि कंटेनमेंट जोन घोषित नहीं किया जाय तो सिर्फ उन घरों को सील किया जाएगा जहां कोरोना के मरीज मिले हैं. पालिका ने न तो संक्रमित मरीजों के घर के बाहर स्टीकर चिपकाया है जिस पर लिखा होता है- यहां न आएं घर क्वारंटाइन में हैं. इसके पीछे मकसद यह होता है कि अन्य कोई संक्रमित न हों. लेकिन पालिका प्रशासन का पत्रकार के साथ रवैया उलट है, ब्रेक द चेन मुहिम के तहत वह इस महामारी में संक्रमितों की परवाह छोड़कर पत्रकारों के साथ ही छुआछूत जैसा दुर्व्यवहार कर उनकी सामाजिक सुरक्षा खतरे में डाल रहे हैं. पालिका प्रशासन संक्रमितों के घर को सील करने की बजाय उनके पड़ोस में रहने वाले पत्रकार को विक्टिमाइज़ड करने की कोशिश कर रहा है. इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की पहचान को सार्वजनिक व उसके घर को सील करना ज़रूरी है ताकि अन्य को संक्रमित होने से बचाया जा सके.

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मरीज़ के पड़ोसी पत्रकार के घर को सील करना उचित नहीं है. जनता और शासन-प्रशासन के बीच सेतु के रूप में मीडिया की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता. लॉकडाउन लागू होते ही लोग पत्रकारों से उम्मीद कर रहे हैं कि कोरोना वायरस के इस दौर में उनके लिए हालात पर नज़र रखें, अखबार आमजन तक पहुँचता रहे. इस संबंध में एसडीएम भागवत जायसवाल से दूरभाष पर मंगलवार रात बात की गई तो उन्होंने विभागीय जानकारी लेने के बाद आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही. उन्होने कहा कि आपको अखबार वितरण व पत्रकारिता के दायित्व निर्वहन में किसी प्रकार का व्यवधान आने नहीं दिया जाएगा. लेकिन दूसरे दिन समाचार भेजे जाने तक कोई नहीं आया और पत्रकार का घर सील है.

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