अंबिकापुर. सूचना आयुक्त अशोक अग्रवाल ने सूचना का अधिकार अधिनियम का पालन नहीं करने के प्रकरण में तीन जनसूचना अधिकारी पर 25-25 हजार रुपए का अर्थदंड का आदेश पारित किया है. सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत डीके सोनी अधिवक्ता अंबिकापुर ने लोक निर्माण विभाग अंबिकापुर के कार्यपालन अभियंता बीपी अग्रवाल से वर्ष 2014-15 में कांक्रीटमेन को जारी कार्य के अनुबंध क्रमांक 54, ड्राइंग डिजाइन नक्शा की प्रतिलिपि और कितनी राशि भुगतान की गई, सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी थी. जनसूचना अधिकारी लोक निर्माण विभाग अंबिकापुर के कार्यपालन अभियंता अग्रवाल से निर्धारित समय सीमा पर जानकारी और दस्तावेज प्राप्त नहीं होने से अपीलार्थी ने अधीक्षण अभियंता संभाग अंबिकापुर के कार्यालय में प्रथम अपील प्रस्तुत किया.
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प्रथम अपील में सुनवाई के पश्चात जनसूचना अधिकारी को अपीलार्थी को वांछित दस्तावेज देकर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश पारित हुआ लेकिन लोनिवि अंबिकापुर के कार्यपालन अभियंता अग्रवाल ने आदेश का पालन नहीं किया और न ही अपीलार्थी को जानकारी दी. अपीलार्थी ने जनसूचना अधिकारी के विरूद्ध छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील प्रस्तुत किया. राज्य सूचना आयुक्त अग्रवाल ने इसे गंभीरता से लिया तथा 20 सितम्बर 2019 को द्वितीय अपील में अंतिम पारित आदेश में कार्यपालन अभियंता बीपी अग्रवाल (जनसूचना अधिकारी) को जानकारी नहीं प्रदाय करने एवं आयोग में कोई जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर दो प्रकरण में 25-25 हजार रुपए का अर्थदण्ड का आदेश देते हुए अर्थ दंड की राशि संबंधित से वसूली कर शासकीय कोष में जमा कराने वरिष्ठ अधिकारी को निर्देश दिए हैं. इसी प्रकार राज्य सूचना आयुक्त अशोक अग्रवाल ने 16 अक्टूबर 2019 को द्वितीय अपील में अंतिम पारित आदेश में जल संसाधन विभाग अंबिकापुर के कार्यपालन अभियंता एससी सिंह को जानकारी नहीं प्रदाय करने एवं आयोग में कोई जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर 25 हजार रुपए का अर्थदण्ड का आदेश दिया. साथ ही अर्थ दंड की राशि संबंधित से वसूली कर शासकीय कोष में जमा कराने वरिष्ठ अधिकारी को निर्देश दिए हैं.
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