बागबाहरा. कोमाखान में बैंक के नवनिर्मित भवन लोकार्पण समारोह से वरिष्ठ नेताओं को दूर रखने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. राजनीतिक हलकों में यह मुद्दा गर्म हो गया है. कोमाखान कांग्रेस संगठन के कई लोग मुखर होकर विरोध जताने लगे हैं. जानकारों की मानें तो कांग्रेस के इन रूठे नेताओं को मनाना मुश्किल हो सकता है. उल्लेखनीय है कि खल्लारी विधानसभा क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य है. इस समाज का हमेशा झुकाव कांग्रेस के साथ रहा है, लेकिन समाज को जो मान-सम्मान मिलना चाहिए वह नहीं मिल पा रहा है. उक्त समाज में ऐसे कई जमीनी पकड़ वाले नेता हैं. उन नेताओं को उचित स्थान मिलना चाहिए, पर ऐसा नहीं हो रहा है. लोगों का कहना है कि आदिवासी समाज की राजनीतिक उपेक्षा करना सही नहीं है.
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बता दें कि लोकार्पण समारोह में आदिवासी समाज, कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के नेता, मंडी डायरेक्टर एवं जनपद सदस्य सहित 20-22 क्षेत्रीय नेताओं के लिए मंच पर और न ही दर्शक दीर्घा में भी उनके लिए कुर्सियां आबंटित कर प्रोटोकाल का आयोजकों द्वारा ध्यान रखा गया. बावजूद कांग्रेस के क्षेत्रीय वरिष्ठ नेता जमीन पर कार्यक्रम के समापन तक बैठे रहे. लोगों में इस उपेक्षा को लेकर टिप्पणियां होती रही. लोगों में यह भी चर्चा थी कि चूंकि केंद्रीय सहकारी बैंक का नवनिर्मित भवन राजा स्व. भानूप्रताप सिंह ठाकुर द्वारा दान में दी गई भूमि पर बना है, लेकिन उनके विधिक वारिसों को न तो ससम्मान आमंत्रित किया गया और न ही उन्हें सम्मानित करने व स्मृति चिन्ह देने की जरूरत महसूस की गई, जो भूमि दानदाता की घोर उपेक्षा है.







