पिथौरा. स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पूर्व के करीब 100 मरीज की ओपीडी के मुकाबले मरीजों की संख्या अब 300 पार कर गई है. इस संबंध में खंड चिकित्सा अधिकारी ने इसे क्षेत्र के लोगों का इस सरकारी अस्पताल के प्रति बढ़ते विश्वास को कारण बताया है. वहीं यहां प्रतिदिन करीब आधा दर्जन मामले झोलाछाप डॉक्टरों के गलत उपचार के बाद उन्हीं के द्वारा भेजे गए मरीजों के होते हैं. स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के अलावा ओपीडी और आईपीडी में भी मरीजों की संख्या खासी बढ़ी है. अस्पताल प्रशासन के अनुसार प्रतिदिन कुल 250 से 300 मरीजों की पर्चियां कट रही हैं. जबकि इसके पूर्व यह संख्या मात्र 80 से 100 ही थी.
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डॉक्टरों की मेहनत का परिणाम : बीएमओ
उक्त संबंध में स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र की खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. तारा अग्रवाल ने बताया कि अब पिथौरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 24×7 डॉक्टर और स्टाफ उपलब्ध रहते हैं. यहां नए डॉक्टरों की पदस्थापना से डॉक्टरों की संख्या पर्याप्त है. सभी डॉक्टर मरीजों के उपचार हेतु तत्पर रहते हैं, जिसके कारण करीब सभी तरह के मरीजों का उपचार कुशलतापूर्वक किया जा रहा है. डॉक्टरों की मेहनत से मरीजों का रुझान सरकारी अस्पताल की ओर बढ़ रहा है.
झोलाछाप से परेशान सरकारी डॉक्टर
स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन करीब आधा से एक दर्जन तक ऐसे मामले आते हैं, जो कि सरकारी में आने के पहले झोलाछाप के जाल में फंसे होते हैं. जब झोलाछाप कथित डॉक्टरों से मामला बिगड़ता दिखता है, तब वे उन्हें तत्काल शासकीय अस्पताल भेजकर खुद मामले से अलग हो जाते हैं. जिससे कुछ मरीजों की मौत भी हो जाती है. डॉ. तारा अग्रवाल ने इस बात की पुष्टि करते हुए लोगों से अपील की है कि ग्राम में सरकारी स्वास्थ्य अमला तैनात है, किसी भी तरह की परेशानी के लिए उनसे संपर्क किया जा सकता है या सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर यहां पदस्थ कुशल डॉक्टरों से अपना उपचार करवाएं. किसी भी अधूरे ज्ञान वाले झोलाछाप कथित डॉक्टरों के चंगुल में ना फंसें.
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झोला डॉक्टरो के चंगुल में न फंसें : एसडीएम
उक्त संबंध में एसडीएम राकेश गोलछा ने भी क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे स्वास्थ्य संबंधी मामलों में सरकारी स्वास्थ्य अमले के पास ही सलाह लें और उपचार कराएं. शासन द्वारा वृहद स्तर पर कुशल और अनुभवी स्वास्थ्यकर्मियों को गांव-गांव में नियुक्त किया गया है. वहीं स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी कुशल और प्रशिक्षित डॉक्टरों की बड़ी टीम 24 घण्टे कार्यरत है. इसका लाभ क्षेत्रवासियों को उठाते रहना चाहिए. झोलाछाप डॉक्टरों के संबंध में उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम झोला डॉक्टरों के उन्मूलन हेतु तैनात है. जानकारी मिलते ही कार्रवाई की जाती है.







