महासमुंद. भारतीय जनता पार्टी की ज़िलाध्यक्ष व पूर्व संसदीय सचिव रूपकुमारी चौधरी ने ज़िला मुख्यालय स्थित आबकारी विभाग के परिसर में कतिपय तत्वों द्वारा तीन विभागीय कर्मचारियों के साथ की गई मारपीट की घटना को लज्जाजनक और सत्तावादी अहंकार का परिचायक बताया है. उन्होने कहा कि शराब और नशे के गोरखधंधे से जुड़े बताए गए आरोपियों ने कांग्रेस के एक प्रमुख जनप्रतिनिधि की मौज़ूदगी में इस घटना को अंजाम देकर यह आईने की तरह साफ़ कर दिया है कि सत्ता के मद में चूर कांग्रेस के लोग सत्ता के संरक्षण में अपनी सारी हदें लांघकर शर्मनाक आचरण का सिलसिला चलाए हुए हैं.
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पीड़ित कर्मचारियों को विभागीय अधिकारियों ने दैनिक वेतन पर अपने अधिकार से काम पर रखा था, जिन्हें निजी कर्मचारी कहा जाता है. श्रीमती चौधरी ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस के लोग अपराधियों को संरक्षण प्रदान कर उन्हें मनमानी, मारपीट करने की खुली छूट देकर ज़ंगलराज क़ायम करने पर आमादा है. उन्होने हैरत जताई कि प्रशासन इस वारदात पर मुँह बंद किए हुए हैं. एक तरफ़ कांग्रेस के नेता अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई का वृथा गाल बजाते घूमते हैं, वहीं दूसरी ओर अपने नेताओं, जनप्रतिनिधियों द्वारा ऐसे आपराधिक तत्वों को राजनीतिक संरक्षण दिए जाने पर मुँह में दही जमाए बैठे रहते हैं.







