पिथौरा. क्षेत्र में विगत तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से आम जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. वहीं सरकारी धान खरीदी केंद्रों में धान तो भीगा पर अधिकांश धान की कैपिंग कर लेने से इसे भीगने से बचा लिया गया. विगत तीन दिनों से क्षेत्र में भारी बारिश ने आम जन जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. वहीं किसानों एवं धान खरीदी केंद्र के प्रबंधकों के लिए यह बारिश एक आफत बनकर आई. ग्रामीण क्षेत्रों में धान की कटाई करीब पूरी हो चुकी है. पर कुछ किसानों के धान खुले में भी रखे थे जिनके खराब होने की खबर है. इसके अलावा सोमवार से ही धान खरीदी भी बंद है और सहकारी समिति के अधिकारी-कर्मचारी खुले में पड़े धान को स्टैग बनाकर उसे ढंकने में व्यस्त रहे.
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जिसके कारण अपेक्षाकृत कम मात्रा में ही धान भीग पाया. स्थानीय सहकारी समिति के कर्मियों के अनुसार तेज बारिश की वजह से शेड में आए पानी से करीब 500-600 बोरे के बीच ही धान भीगे होने की संभावना है. सही आंकड़ा वर्तमान में तेजी से चल रहे परिवहन के बाद ही पता चल पाएगा. समिति सूत्रों ने बताया कि 1 दिसम्बर से अब तक करीब 27882 क्विंटल धान की खरीदी की गई है. इसमें 14860 क्विंटल यानी 37150 बोरा धान का परिवहन हो चुका है. अभी भी ट्रकों द्वारा लगातार परिवहन किया जा रहा है. अब मौसन खुलने के बाद पुनः खरीदी प्रारम्भ होगी. तब तक खरीदी केंद्र से पूरे धान का परिवहन हो जाए ये प्रयास किए जा रहे हैं. बारिश से धान को सुरक्षित रखने के लिए मंडी के विशाल शेड का उपयोग किया जा रहा है.
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