बिलासपुर. हाईकोर्ट ने प्रदेश की तमाम सहकारी समितियों को भंग करने के राज्य सरकार के आदेश को खारिज कर दिया है. सरकार ने राज्य की 1333 सहकारी समितियों को भंग करने आदेश जारी किया था. शासन के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में 170 से ज्यादा याचिकाएं दायर की गई थी, जिस पर चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के बाद शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए सरकार के फैसले को निरस्त कर दिया. याचिकाओं में प्रजातांत्रित तरीके से चुनी हुई समितियों को भंग करने को गलत बताया गया था. डिवीजन बेंच ने राज्य शासन के निर्णय को लेकर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि सहकारी समितियां अब काम नहीं करेंगी, अधिकारी अब काम करेंगे. प्रजातांत्रिक तरीके से चुनी हुई समितियों को भंग करना गलत है. सहकारी समितियां निर्वाचित होती हैं उन्हें ऐसे भंग नहीं किया जा सकता.
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राष्ट्रपति से राज्यपाल उइके ने की सौजन्य भेंट
रायपुर. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके ने आज राष्ट्रपति भवन में सौजन्य मुलाकात की. उन्होंने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के रूप में अब तक किए गए कार्यों से संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. इसके साथ ही छत्तीसगढ़ से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. इसके बाद राज्यपाल उइके उप राष्ट्रपति भवन पहुंची और वहां सामूहिक भोज में शामिल हुई. इस भोज में सभी राज्यों के राज्यपाल उपस्थित थे.
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