रजिंदर खनूजा
पिथौरा. विकासखण्ड के सबसे चर्चित ग्राम पंचायत सपोस एक बार फिर से चर्चा में है. इस बार इस ग्राम में राष्ट्रगान के साथ बच्चों की पढ़ाई भी ध्वनि विस्तारक यंत्रों से हो रही है. अब इस ग्राम के बच्चे अपने घरों के बरामदे में बैठकर माता-पिता की निगरानी में ही शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. ज्ञात हो कि ग्रीन सपोस के नाम से जानी जाने वाली ग्राम पंचायत तब चर्चा में आई थी जब पंचायत क्षेत्र में सभी ओर ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर) लगाकर प्रतिदिन सुबह-शाम ग्रामवासी सम्मान राष्ट्रगान करने लगे थे. अब यही यंत्र राष्ट्रगान के साथ बच्चों की पढ़ाई में भी उपयोग होने लगे हैं. कहा जाता है कि आवश्यकता ही अविष्कार की जननी है. कुछ ऐसा ही विकासखण्ड की सपोस ग्राम पंचायत में देखने मिल रहा है.
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यहां राष्ट्रगान के लिए गली-गली में लगाए गए ध्वनि विस्तारक यंत्र से अब राष्ट्रगान के अलावा पढ़ाई भी होने लगी है. इस पढ़ाई के बारे में पूछे जाने पर ग्राम पंचायत सपोस के सरपंच किशोर बघेल ने बताया कि एक ओर देश कोरोना महामारी समस्या से ग्रसित है. जिसके कारण अर्थव्यवस्था, स्वास्थ और शिक्षा पर इसका विपरीत असर भी पड़ रहा है. इसको पटरी पर लाने के लिए राज्य सरकारें अपने स्तर पर प्रयास भी कर रही है. महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखण्ड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सपोस, जिसे ग्रीन पंचायत सपोस के नाम से जाना जाता है वह आज किसी के परिचय का मोहताज नहीं है. ग्रामवासी राष्ट्रगान के समय सम्मानपूर्वक खड़े होकर देशभक्ति की भावना का परिचय देते हैं, इसके लिए गलियों में लाउडस्पीकर की व्यवस्था भी की गई है. गांव के विकास में ग्रामवासियों और खासकर युवाओं का विशेष योगदान रहता है. वर्तमान में स्कूल नहीं खुल पाने के कारण बच्चों की शिक्षा पर बुरा असर भी पड़ रहा है. ग्रीन पंचायत सपोस गबोद में लगे लाउडस्पीकर के माध्यम से शिक्षकों के द्वारा बच्चों को अपनी-अपनी सुविधानुसार मास्क के साथ सोशल डिस्टेंस के नियमों को पालन करवाते हुए
जनप्रतिनिधियों की पहल पर विकासखण्ड स्रोत समन्यवयक एफए नन्द, सरपंच प्रतिनिधि व शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष किशोरचंद बघेल, संकुल समन्वयक खिरेश्वर प्रधान एवं शिक्षकों की उपस्थिति में इस पहल की शुरुआत की गई. विकासखण्ड स्रोत समन्वयक एफए नन्द ने सभी शिक्षकों, पालकों व ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा है कि इस पहल को सफल बनाने में अपना अमूल्य योगदान दें ताकि बच्चों का बौद्धिक व शैक्षणिक स्तर बना रहे. इस अवसर पर सपोस गबोद विद्यालय के प्रधान पाठक रविशंकर बंजारा, तरुवर कोसरिया, नरेंद्र बोरे उपस्थित थे. ग्रीन सपोस गबोद के इस पहल में में पुरुषोत्तम धृतलहरे, अश्विनी विशाल, धुबई साहू, भागीरथी यादव, संतोष सिंह ठाकुर, डोलामणि यादव, दामिनी अग्रवाल, किशोर यादव, टीकम डड़सेना, संजय अग्रवाल, चंद्रशेखर, बिंदु ठाकुर, प्रेम विशाल, जीवन दाता व गांव के प्रबुद्धजनों का प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से योगदान रहा है.
कोरोना से अधिक प्रशासनिक दहशत, अत्यावश्यक सामग्रियों की कालाबाजारी भी https://t.co/UPo2wr20mc
— Cg Janadesh (@CJanadesh) July 31, 2020







