रजिंदर खनूजा
पिथौरा. कोरोना वायरस के कारण चल रहे लॉक डाउन में अब सब्जी उत्पादक किसानों को भारी नुकसान होने लगा है. टमाटर, बैगन एवं बरबट्टी पौधों पर ही खराब होने लगी है. वहीं रबी फसल में गेहूं पक रही है जिसके भी खराब होने की संभावना बढ़ती जा रही है. ग्रामीण सूत्रों के अनुसार कोरोना ने आम लोगों, व्यावसायियों के अलावा किसानों को भी संकट में डाल दिया है. शनिवार प्रातः पाटनदादर का एक किसान एक बोरा बैगन बाजार से वापस ले जाता दिखा. उससे पूछने पर बताया कि वह 4 बोरा बैगन स्थानीय मंडी में बेचने लाया था पर बहुत निवेदन के बाद मंडी संचालक ने उनका बैगन 50 रुपए बोरा (करीब 2 रुपए किलो) में खरीदा है.
एक बोरा खरीदने से मना कर देने पर अब वे उसे वापस लेकर जा रहे हैं. इसे ग्राम में ही फ्री में बांटेंगे या फेंकेंगे. इस वर्ष उन्होंने करीब 2 एकड़ में बैगन और एक एकड़ में टमाटर लगाए थे पर इस वर्ष के हालात के चलते उन्हें खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है. ग्रामीण किसानों ने बताया कि उन्होंने कम पानी की फसल गेहूं लगाई थी. फसल अच्छी होने की उम्मीद थी पर इस वर्ष बेमौसम बरसात से अब गेहूं के दाने काले पड़ रहे हैं. अब गेहूं तैयार होने के बाद उन्हें काटकर खलिहान पहुंचाने की भी समस्या हो गई है.
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पेट्रोल नहीं मिलना भी समस्या
इधर, लोगों को फालतू घूमना बन्द कराने की नीयत से पेट्रोल बिक्री सीमित लोगों को करने के फरमान ने सब्जी किसानों के सामने नया संकट पैदा कर दिया है. भारी मात्रा में सब्जी का उत्पादन होने के बाद शहरों के बाजार में ले जाने के लिए किसानों को साधन नहीं मिल रहे. वहीं दूसरी ओर स्थानीय मंडी में भी खुदरा बिक्री हेतु खेत से सब्जी शहर तक लाने के लिए पेट्रोल भी नहीं मिल रहा है. लिहाजा अब किसान अपनी मेहनत की उपज को अपनी ही आंखों के सामने बर्बाद होते देखने मजबूर हैं.
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